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Delhi: सिविल डिफेंस वार्डन्स के लिए विशेष आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण, एनडीआरएफ और डीडीएमए की संयुक्त पहल
Tue, 13 Jan 2026 04:35 AM IST
Digvijay Singh
सनी सिंह, अमर उजाला, नई दिल्ली
सनी सिंह, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Digvijay Singh
Updated Tue, 13 Jan 2026 04:35 AM IST
सार
डीडीएमए के जिला परियोजना अधिकारी(डीपीओ) मनजय कुमार ने बताया कि वार्डनो का प्रशिक्षण 14 जनवरी 2026 को सुबह 11 बजे शुरू होगा। प्रतिभागियों को जे-ब्लॉक, डीसी ऑफिस कॉम्प्लेक्स, नंद नगरी में 10:30 बजे तक उपस्थित होना होगा।
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फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
दिल्ली के उत्तर पूर्वी जिले में आपदाओं से निपटने की तैयारियों को और मजबूत करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया जा रहा है। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए, उत्तर पूर्व) ने राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) के सहयोग से सिविल डिफेंस वार्डन्स के लिए एक दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया है। यह कार्यक्रम जमीनी स्तर पर आपदा प्रतिक्रिया क्षमता बढ़ाने और लोगों को सुरक्षित बनाने की दिशा में एक बड़ा प्रयास है।
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डीडीएमए के जिला परियोजना अधिकारी(डीपीओ) मनजय कुमार ने बताया कि वार्डनो का प्रशिक्षण 14 जनवरी 2026 को सुबह 11 बजे शुरू होगा। प्रतिभागियों को जे-ब्लॉक, डीसी ऑफिस कॉम्प्लेक्स, नंद नगरी में 10:30 बजे तक उपस्थित होना होगा। इस एक दिवसीय कार्यक्रम में उत्तर पूर्वी जिले के कुल 100 सिविल डिफेंस वार्डन्स हिस्सा लेंगे।
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प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य आपदा प्रतिक्रिया तंत्र, खोज एवं बचाव (सर्च एंड रेस्क्यू) तकनीकों, प्राथमिक चिकित्सा, इंसिडेंट रिस्पांस सिस्टम (आईआरएस), आपातकालीन स्थिति में समन्वय तथा आपदा प्रबंधन के अन्य महत्वपूर्ण पहलुओं पर जोर देना है। एनडीआरएफ के प्रशिक्षक व्यावहारिक और सैद्धांतिक दोनों तरह से प्रशिक्षण देंगे, ताकि वार्डन्स आपदा के समय तुरंत प्रभावी भूमिका निभा सकें।
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मनजय ने बताया कि उत्तर पूर्वी दिल्ली यमुना नदी के किनारे बसा हुआ क्षेत्र है, जहां आगजनी, बाढ़, भूकंप जैसी आपदाओं का खतरा बना रहता है। घनी आबादी इलाकों में आपदा के दौरान जमीनी स्तर पर सक्रिय वार्डनों की भूमिका काफी महत्वपूर्ण होती है। डीडीएमए का मानना है कि यह प्रशिक्षण वार्डन्स की क्षमता, कौशल और संचालन तैयारियों को बढ़ाएगा, जिससे जिले की समग्र आपदा प्रतिरोधक क्षमता बढ़ेगी। यह कार्यक्रम जिला और उप-मंडल स्तर पर आपदा प्रबंधन योजनाओं के बेहतर कार्यान्वयन में भी सहायक साबित होगा।
डीपीओ ने यह भी बताया कि यह पहल दिल्ली सरकार की आपदा प्रबंधन नीति के अनुरूप है, जो नागरिक भागीदारी और जमीनी स्तर की तैयारियों पर जोर देती है। एनडीआरएफ और डीडीएमए की ऐसी साझेदारी से आम लोगों में आपदा जागरूकता बढ़ेगी और जान-माल की रक्षा करना आसान हो जाएगा।