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Delhi AIIMS: बढ़े स्क्रीन टाइम के कारण बच्चों में तेजी से बढ़ रहा निकटदृष्टि दोष, एम्स में शुरू होगा मायोपिया
Wed, 13 Nov 2024 09:49 PM IST
श्याम जी.
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: श्याम जी.
Updated Wed, 13 Nov 2024 09:49 PM IST
सार
बच्चों में होने वाले मायोपिया (निकटदृष्टि) के उचित इलाज के लिए एम्स में बृहस्पतिवार से विशेष क्लीनिक की शुरूआत होगी। अक्सर मायोपिया 6 से 12 साल की उम्र के बीच विकसित होता है। यह तब और बढ़ सकती है जब तक आंख पूरी तरह से विकसित नहीं हो जाती।
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Delhi AIIMS
- फोटो : ANI
विस्तार
बच्चों में होने वाले मायोपिया (निकटदृष्टि) के उचित इलाज के लिए एम्स में बृहस्पतिवार से विशेष क्लीनिक की शुरूआत होगी। कोरोना महामारी के बाद बढ़े स्क्रीन टाइम के कारण बच्चों में यह समस्या तेजी से बढ़ रही है। इस समस्या में दूर की वस्तुएं धुंधली दिखाई देती हैं, लेकिन पास की वस्तुएं स्पष्ट रहती हैं। इस दौरान बच्चों के आंखों में थकान या सिरदर्द, आंखों को सिकोड़े बिना दूर की चीजें देखने में परेशानी होना आम बात है।
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अक्सर मायोपिया 6 से 12 साल की उम्र के बीच विकसित होता है। यह तब और बढ़ सकती है जब तक आंख पूरी तरह से विकसित नहीं हो जाती। यह रोग होने के पीछे आनुवंशिक कारण हो सकता है। इसमें माता-पिता को मायोपिया हो तो बच्चों में इसके होने की आशंका अधिक रहती है। वहीं, बहुत समय तक पास की चीजों को देखने, जैसे कि किताबें पढ़ना या मोबाइल स्क्रीन पर समय बिताना, भी मायोपिया को बढ़ा सकता है।
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दिव्यांगों को मिलेंगी कई सुविधाएं
एम्स में रोज 18-20 हजार मरीज पहुंचते हैं। इनमें बड़ी तादाद दिव्यांग मरीजों की होती है, उनके लिए एम्स में खास सुविधा शुरू की गई है। हर विभाग के नाम और उनके निर्देश ब्रेन लिपि में लिखे गए हैं। अब दिव्यांगों को मदद के लिए इधर-उधर भटकना नहीं पड़ेगा।
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