दिल्ली: स्पेशल सेल ने दो किलो सोना लूटने वाले बदमाश को पकड़ा, आरोपी इतने केसों में भगोड़ा घोषित कि चौंक जाएंगे आप
जानकारी के अनुसार पकड़ा गया बदमाश दस केसों में भगोड़ा घोषित है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने करोल बाग इलाके में दो किलो सोना लूट को अंजाम देने वाले बदमाश अजीत को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने बदमाश के कब्जे से एक किलो सोना, 3.2 लाख रुपये नकद और एक पिस्तौल व पांच कारतूस बरामद किए गए हैं।
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दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने करोल बाग इलाके में दो किलो सोना लूटने वाले बदमाश को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार बदमाश अजीत दस केसों में भगोड़ा घोषित हो रखा था। गिरफ्तार बदमाश अजीत के कब्जे से एक किलो सोना, 3.2 लाख रुपये, एक पिस्तौल व पांच कारतूस बरामद किए गए हैं।
स्पेशल सेल डीसीपी प्रमोद कुशवाह के अनुसार चार हथियारबंद बदमाशों ने गुरुद्वारा रोड, करोल बाग पर गोल्ड ट्रेडर्स से सोने की दो ईंटों को लूट लिया था। एक ईंट एक किलो की थी। इससे करोलबाग और चांदनी चौक क्षेत्र के व्यापारियों खासकर सर्राफा कारोबारियों में हड़कंप मच गया। इस वारदात को देखते हुए स्पेशल सेल, नई दिल्ली रेंज की टीम ने इस पर काम करना शुरू कर दिया। दिल्ली में पूर्व में इसी तरह की सोना लूट की वारदातों में शामिल गिरोहों की जानकारी जुटाई गई।
जांच के दौरान, यह पाया गया कि अजीत और उसके सहयोगियों ने 2014 में पीएस गीता कॉलोनी के क्षेत्र में 7.5 किलो सोने की चोरी की थी। उन्हें 2017 में जमानत पर रिहा कर दिया गया था। रिकॉर्ड की जांच करने पर, अजीत दिल्ली में कई मामलों में शामिल पाया गया था। इसके अलावा उसके खिलाफ यूपी में हत्या, हत्या के प्रयास, डकैती, गैंगस्टर एक्ट आदि मामले दर्ज हैं। वह जमानत मिलने के बाद न तो अदालतों में उपस्थित हो रहा है और न ही अपने दिए गए पते पर रह रहा है।
जांच में ये भी पता लगा कि जिस व्यक्ति ने 2014 की सोने की डकैती में गुप्त सूचना दी थी, वह भी जमानत पर है और उसके ज्वैलर्स के कर्मचारियों के साथ संबंध हैं। करीब 15 दिन की जांच के 15 मार्च को इंस्पेक्टर संजय गुप्ता को सूचना मिली थी कि अजीत सरायकालेखां बस डिपो के पास है। एसीपी ललित मोहन नेगी की देखरेख में इंस्पेक्टर संजय गुप्ता व राजेश कुमार की टीम ने आईपी पार्क, आउटर रिंग रोड से गांव पटला, थाना निवाड़ी जिला गाजियाबाद, यूपी निवासी अजीत(42) पकड़ लिया। आरोपी ने पूछताछ में खुलासा किया कि करोलबाग में लूट की वारदात को अंजाम देने से पहले रैकी की थी। उसके एक सहयोगी ने एक ईंट बेच दी और गिरोह के सदस्यों के बीच नकदी बांट दी गई। आरोपी अजीत के कहने पर एक किलो सोने की एक ईंट और यूपी के गाजियाबाद के विजय नगर स्थित उसके ठिकाने से 3.2 लाख रुपये बरामद किए गए।
कंडेक्टर की नौकरी करता था आरोपी
ग्राम पटला निवासी अजीत वर्ष 1999 तक लाजपतनगर से यूपी के बीच बचने वाली बस में कंडेक्टर था। इस दौरान वह पश्चिमी यूपी व दक्षिण दिल्ली के गैंगस्टर यशपाल गुर्जर के संपर्क में आया। यशपाल के कहने पर अजीत ने एक हत्या की और दो लोगों को मारने का प्रयास किया। इन मामलों में वह करीब सात वर्ष डासना जेल में बंद रहा। बाद में ये इन मामलों में बरी हो गया था। यशपाल व अन्य को इन मामलों में दोषी ठहराया गया था और अभी जेल में हैं। जेल में अजीत कई बदमाशों के संपर्क में आया। बाद में ये डिंपल त्यागी के गिरोह में शामिल हो गया।
मुठभेड़ में डिंपल त्यागी के मारे जाने के बाद बाहरी दिल्ली के प्रवीण उर्फ परवेज ने पश्चिमी यूपी के कुख्यात गैंगस्टर हितेंद्र उर्फ छोटू और किशन पाल उर्फ फौजी के सक्रिय सहयोग से गिरोह की बागडोर संभाली। आरोपी अजीत ने गिरोह के अन्य सदस्यों के साथ दिल्ली और यूपी में हथियारों के बल पर डकैती और हत्या करना शुरू कर दिया। 2012 में, उन्हें फिर से यूपी पुलिस ने पकड़ लिया और लगभग डेढ़ साल तक जेल में रहा। उसका एक सहयोगी, जो चांदनी चौक क्षेत्र में बैग बेचता था और अपने गिरोह के सदस्यों के संपर्क में था, ने 2014 में पीएस गीता कॉलोनी क्षेत्र के 7.5 किलो सोने की चोरी की गुप्त सूचना दी थी। इस मामले में सभी गिरफ्तार किए गए और 2017 में उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया गया। आरोपी के खिलाफ दस केस दर्ज हैं।