महिलाओं की दर्दनाक मौत का दिल्ली पर हुआ असर
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छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में नसबंदी के बाद एक दर्जन से अधिक महिलाओं की मौत और करीब 50 महिलाओं के गंभीर रूप से बीमार पड़ने के बाद दिल्ली सरकार के ड्रग्स कंट्रोल विभाग ने नकली और मिलावटी दवाओं के खिलाफ विशेष अभियान चलाने का निर्णय लिया है। अभियान के लिए विभाग की ओर से टीम बनाई जाएगी।
हालांकि ड्रग्स कंट्रोल विभाग का कहना है कि बिलासपुर जैसी स्थिति दिल्ली में नहीं है, इसलिए यहां कोई खतरा नहीं है। दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य विभाग के विशेष सचिव और ड्रग्स कंट्रोल विभाग के प्रमुख एसबी शशांक ने कहा कि विभाग जल्द ही नकली और मिलावटी अभियान के खिलाफ विशेष अभियान चलाएगा।
उन्होंने बताया कि दिल्ली में खुदरा और थोक दवा दुकानों में बिकने वाली दवाओं और दवा बनाने वाली कंपनियों में भी नियमित जांच पड़ताल की जाती है।
दिल्ली में अभी तक इस तरह की कोई घटना सामने नहीं आई है, जिसमें दवा में इस तरह की मिलावट की बात सामने आई हो। फिर भी किसी भी अनहोनी से बचाव के लिए ड्रग्स कंट्रोल विभाग की ओर से नकली और गलत दवा को पकड़ने के लिए अक्सर कार्रवाई भी की जाती है।
मालूम हो कि बिलासपुर में नसबंदी कैंप में महिलाओं को दी गई एंटीबायोटिक दवा सिप्रोक्फॉक्सासिन में जिंक फॉस्फाइड मिलने की बात सामने आई थी।
सरकारी अस्पतालों से उठाए गए नमूने
वर्ष नमूने पास फेल
2009-10 70 50 20
2010-11 17 15 02
2011-12 46 44 02
2012-13 36 33 03
2013-14 42 22 03
नोट : 2013-14 में लिए गए 17 नमूनों की जांच रिपोर्ट लंबित है।
थोक व खुदरा विक्रेताओं से उठाए गए सेंपल
वर्ष नमूने पास फेल
2009-10 608 577 31
2010-11 355 342 13
2011-12 402 386 16
2012-13 475 428 25
2013-14 313 105 16
नोट : 2012-13 में 22 व 2013-14 में 192 नमूनों की जांच रिपोर्ट लंबित है।