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सकारात्मक सोमवारः मुफलिसी के अंधेरे में सिपाही फैला रहा तालीम की रोशनी
Mon, 19 Oct 2020 06:12 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Mon, 19 Oct 2020 06:12 AM IST
सार
- झुग्गियों में रहने वाले बच्चों को 10 साल से मुफ्त शिक्षा दे रहे हैं थान सिंह
- कोरोना कॉल में ऑनलाइन पढ़ाई से वंचित बच्चों को दोबारा देनी शुरू की शिक्षा
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तालीम की रोशनी...
- फोटो : amar ujala
विस्तार
कोरोना महामारी के बीच स्कूलों की पढ़ाई ऑनलाइन होने के बाद झुग्गी बस्ती में रहने वाले बच्चे शिक्षा से वंचित हो गए थे, लेकिन अब उनकी पढ़ाई का बीड़ा दिल्ली पुलिस के एक सिपाही थान सिंह ने उठाया है।
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लाल किले की पार्किंग स्थित साईं मंदिर में सिपाही ने गरीब व असहाय बच्चों के लिए दोबारा पाठशाला शुरू कर दी है। इससे पहले भी वह बच्चों को निशुल्क शिक्षा दिया करते थे। लॉकडाउन होने के कारण इन बच्चों की शिक्षा अधूरी रह गई थी।
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मूल रूप से अलवर (राजस्थान) के रहने वाले थान सिंह फिलहाल द्वारका में रहते हैं। वह उत्तरी दिल्ली के कोतवाली थाने में सिपाही पद पर तैनात हैं। लॉकडाउन से पहले गरीब परिवारों के बच्चों को निशुल्क शिक्षा देते थे। कोरोना संक्रमण की वजह से पढ़ाई में बाधा आ गई, जिसे पूरा करने के लिए वह लंबे समय से इंतजार कर रहे थे।
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अनलॉक होने के चलते कोरोना काल में बच्चों की पढ़ाई दोबारा से शुरू तो की गई, लेकिन उसे ऑनलाइन कर दिया गया। ऑनलाइन व्यवस्था के बीच वह बच्चे शिक्षा से वंचित रह गए, जिनके पास मोबाइल नहीं था। ऐसे बच्चों की पीड़ा देखकर सिपाही ने कोविड-19 के नियमों का पालन करते हुए ड्यूटी से छुट्टी मिलने के बाद बच्चों को पढ़ाना शुरू कर दिया है।
उनकी पाठशाला में प्रतिदिन 30 से 35 बच्चे पढ़ते हैं। उन्होंने बताया कि वह करीब 10 साल से पढ़ा रहे हैं। उनका उद्देश्य समाज को शिक्षित करना है। साथ ही, बच्चों को संस्कारवान बनाना भी उनका लक्ष्य है।