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Delhi NCR News: नशे के खिलाफ एकजुट हो समाज, मंडीखेड़ा जिला अस्पताल में युवाओं को किया जागरूक
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संवाद न्यूज एजेंसी
नगीना। अंतरराष्ट्रीय मादक पदार्थ दुरुपयोग एवं अवैध तस्करी निरोधक दिवस पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिला अस्पताल मंडीखेड़ा में जन-जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान उपस्थित लोगों, विशेषकर युवाओं को नशे के गंभीर दुष्प्रभावों से अवगत कराते हुए नशा मुक्त समाज के निर्माण का संकल्प दिलाया गया। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) ज्योत्सना ने अपने संदेश में कहा कि मादक पदार्थों का सेवन व्यक्ति के शारीरिक, मानसिक और सामाजिक स्वास्थ्य को पूरी तरह बर्बाद कर देता है। नशे की लत न केवल व्यक्ति के भविष्य को अंधकार में धकेलती है, बल्कि पूरे परिवार और समाज को भी प्रभावित करती है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे स्वयं नशे से दूर रहें और दूसरों को भी जागरूक करें।
पारिवारिक और सामाजिक प्रयास जरूरी
उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आशीष सिंगला ने कहा कि नशा केवल एक व्यक्ति की समस्या नहीं, बल्कि एक बड़ी सामाजिक चुनौती है। इससे निपटने के लिए परिवार, स्कूल और समुदाय के समन्वित प्रयास जरूरी हैं। उन्होंने अभिभावकों से आग्रह किया कि वे बच्चों के व्यवहार पर नजर रखें और लक्षण दिखने पर तुरंत उपचार कराएं।
भेदभाव नहीं, सहयोग की जरूरत: डॉ. विकास
मनोचिकित्सक डॉ. विकास सिंगरोहा ने बताया कि उचित परामर्श, दवाओं और पारिवारिक सहयोग से नशे की लत से पूरी तरह छुटकारा पाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि नशे के मरीजों से भेदभाव करने के बजाय उनके प्रति सहानुभूति रखें।
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स्वास्थ्य विभाग ने आमजन से अपील की है कि किसी भी प्रकार की लत होने पर बिना झिझक निकटतम स्वास्थ्य संस्थान में संपर्क कर परामर्श और उपचार प्राप्त करें।
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नगीना। अंतरराष्ट्रीय मादक पदार्थ दुरुपयोग एवं अवैध तस्करी निरोधक दिवस पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिला अस्पताल मंडीखेड़ा में जन-जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान उपस्थित लोगों, विशेषकर युवाओं को नशे के गंभीर दुष्प्रभावों से अवगत कराते हुए नशा मुक्त समाज के निर्माण का संकल्प दिलाया गया। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) ज्योत्सना ने अपने संदेश में कहा कि मादक पदार्थों का सेवन व्यक्ति के शारीरिक, मानसिक और सामाजिक स्वास्थ्य को पूरी तरह बर्बाद कर देता है। नशे की लत न केवल व्यक्ति के भविष्य को अंधकार में धकेलती है, बल्कि पूरे परिवार और समाज को भी प्रभावित करती है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे स्वयं नशे से दूर रहें और दूसरों को भी जागरूक करें।
पारिवारिक और सामाजिक प्रयास जरूरी
उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आशीष सिंगला ने कहा कि नशा केवल एक व्यक्ति की समस्या नहीं, बल्कि एक बड़ी सामाजिक चुनौती है। इससे निपटने के लिए परिवार, स्कूल और समुदाय के समन्वित प्रयास जरूरी हैं। उन्होंने अभिभावकों से आग्रह किया कि वे बच्चों के व्यवहार पर नजर रखें और लक्षण दिखने पर तुरंत उपचार कराएं।
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भेदभाव नहीं, सहयोग की जरूरत: डॉ. विकास
मनोचिकित्सक डॉ. विकास सिंगरोहा ने बताया कि उचित परामर्श, दवाओं और पारिवारिक सहयोग से नशे की लत से पूरी तरह छुटकारा पाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि नशे के मरीजों से भेदभाव करने के बजाय उनके प्रति सहानुभूति रखें।
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स्वास्थ्य विभाग ने आमजन से अपील की है कि किसी भी प्रकार की लत होने पर बिना झिझक निकटतम स्वास्थ्य संस्थान में संपर्क कर परामर्श और उपचार प्राप्त करें।