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‘सोशल मीडिया महिला अपराधों का नया हथियार’
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Tue, 29 Nov 2016 10:07 AM IST
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स्मार्ट फोन और सोशल मीडिया अब महिला अपराधों का नया हथियार बन रहा है। शिक्षण संस्थानों में साइबर बुलिंग एक बड़ी समस्या है। स्मार्ट फोन को ऑपरेट करने के दौरान युवा सारी जानकारियां साझा कर देते हैं, जिसका हैकर्स या कोई भी गलत फायदा उठा लेता है।
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यह कहना है साइबर विशेषज्ञ व सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता पवन दुग्गल का। वे जामिया मिल्लिया इस्लामिया में सोमवार को छात्रों को साइबर क्राइम विषय पर आयोजित कार्यक्रम में इससे जुड़े अपराधों से बचने के गुर सिखा रहे थे।
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जामिया कैंपस में फैकल्टी ऑफ लॉ की ओर से ‘साइबर क्राइम अगेंस्ट वूमन-चैलेंज पोस्ट बाय द सोशल नेटवर्किंग’ पर कार्यक्रम आयोजित किया गया था। कार्यक्रम का उद्घाटन उप कुलपति प्रो. शाहिद अशरफ ने किया, जिसमें छात्रों को तकनीक की योजनाओं की जानकारी दी गयी।
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दुग्गल ने कहा कि स्मार्ट फोन, इंटरनेट, व्हाट्सऐप, ट्विटर व अन्य सोशल नेटवर्क पर अपनी निजी जानकारियों को साझा करने से बचना चाहिए। यदि स्मार्ट फोन और सोशल मीडिया पर निजी जानकारियां व फोटो रखें तो उन्हें हाइड करके रखना चाहिए, ताकि कोई भी अंजान उसे देख न सके। साइबर अपराधों की चपेट में सबसे अधिक मामले स्कूल व कॉलेज में पढ़ने वाले छात्र आ रहे हैं।