फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   So Delhi is still behind from Mumbai in the race?

..तो क्या दिल्ली अभी भी इस रेस में मुंबई से पीछे है?

Thu, 04 Jun 2015 11:59 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Thu, 04 Jun 2015 11:59 AM IST
विज्ञापन
So Delhi is still behind from Mumbai in the race?

वर्ल्ड हेरिटेज सिटी की दौड़ में केंद्र सरकार की तरफ से लगाई गई बाधा को दिल्ली सरकार दूर करना चाहती है। आम आदमी पार्टी की पिछली सरकार में यूनेस्को पर्यटन विभाग की तरफ से नामांकन दाखिल किया गया था।

विज्ञापन


लेकिन गत दिनों उसे रोके जाने की सूचना यूनेस्को के वेबसाइट से मिली थी। बुधवार को मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने मुख्य सचिव, तमाम विभागों के सचिव व जुड़े अधिकारियों की बैठक ली। यह पता लगाने का प्रयास किया कि यूनेस्को की वर्ल्ड हैरिटेज सिटी के लिए जो नॉमिनेशन किया था, उससे बाहर कैसे किया गया?
विज्ञापन


केन्द्र सरकार से आए अधिकारी भी यह नहीं बता पाए कि यूनेस्को ने किस आधार पर इसे रोका है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने नामांकन वापस लिए जाने पर आश्चर्य भी व्यक्त किया। मुख्य सचिव केके शर्मा को निर्देश दिया है कि विदेश मंत्रालय और संस्कृति मंत्रालय के साथ बातचीत करें।
विज्ञापन
विज्ञापन


केजरीवाल ने बैठक में यह भी साफ किया है कि अगर जरूरत पड़ी तो मैं और उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया केन्द्रीय मंत्रियों से मुलाकात भी करेंगे। बैठक में पर्यटन मंत्री जितेंद्र सिंह तोमर भी शामिल हुए।

क्या होगा दिल्ली को फायदा?

So Delhi is still behind from Mumbai in the race?

मुख्यमंत्री को संस्कृति मंत्रालय के अधिकारियों ने बताया कि दिल्ली के साथ मुंबई भी रेस में थी। दोनों शहर नामांकन की वकालत कर रहे थे। दिल्ली के अधिकारियों का कहना है कि जनवरी, 2014 में जब आम आदमी पार्टी की सरकार थी, तब हैरिटेज सिटी के लिए दिल्ली ने नामांकन किया था।

यूनेस्को के साथ कई मैराथन बैठक हुई, विदेशी टूर पर दिल्ली के अधिकारी गए, विशेष ऑफिस सेटअप किया गया लेकिन अंतिम पड़ाव पर पहुंचने के पहले नामांकन रुकवा दिया गया।

पर्यटन मंत्री जितेन्द्र सिंह तोमर का कहना है कि केन्द्र सरकार को एक चिट्ठी भेजी जा चुकी है। अभी तक जवाब नहीं मिला है। अब मुख्य सचिव संपर्क करेंगे। जरूरत पड़ेगी तो हम केन्द्रीय मंत्रियों से मुलाकात करेंगे।

अभी भी यह फाइनल पता नहीं चला है कि दिक्कत कहां से हुई। 20 जून से बैठकें होनी है जो जुलाई तक चलेगी। अगर इस साल फिर से नामांकन नहीं लग पाया तो अगले साल केलिए प्रयास जारी रखा जाएगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed