जब कोर्ट ने एक्स-रे रिपोर्ट देखकर सुनाया फैसला
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क्या आपने कभी ऐसा सुना है कि एक्सरे रिपोर्ट देखकर किसी व्यक्ति को सजा दे दी जाए? ऐसा वाकया दिल्ली में सामने आया है। यहां अदालत ने एक एक्स-रे रिपोर्ट देखकर आरोपी को दोषी ठहराया और उसे जेल भेज दिया।
दरअसल, साकेत जिला अदालत के एसीएमएम तरुण योगेश ने गांव खोरी फरीदाबाद निवासी रविंद्र को पीड़िता रीटा से कान की बाली छीनने का दोषी ठहराते हुए तीन साल कैद की सजा सुनाई है।
अदालत ने फैसला सुनाते हुए उस एक्स-रे रिपोर्ट पर गौर किया जिसमें आरोपी के पेट में पीड़िता के गहने दिखाई दे रहे हैं। हालांकि फैसला देने से पहले आरोपी का पक्ष जानने की भी कोशिश की लेकिन वह स्पष्ट रूप से कोई भी जवाब नहीं दे सका।
टॉयलेट से बरामद हुए गहने
अदालत ने अपने फैसले में कहा कि पीड़िता से छीना गया आभूषण आरोपी की तलाशी के दौरान नहीं मिला था लेकिन उसके टुकड़े आरोपी के पेट के एक्स-रे में दिखाई दिए। आभूषण के यह टुकड़े बाद में आरोपी के मल से बरामद किए गए।
मामला साकेत इलाके में आठ जुलाई 2012 का था। पीड़िता रीटा की कार खानपुर रेडलाइट पर रुकते ही रविंद्र ने उसकी बाली खींच ली थी। रीटा के भाई ने रविंद्र को मौके पर ही पकड़ लिया था लेकिन उसके कब्जे से बाली नहीं मिली थी। रविंद्र का एक्स-रे होने के बाद ही बाली का पता चल सका।
एक्स-रे रिपोर्ट ने एक झपटमार को जेल पहुंचा दिया। महिला से झपटा गया आभूषण एक्स-रे रिपोर्ट में सामने आ गया। अदालत ने इस रिपोर्ट के मद्देनजर झपटमार को तीन साल कैद की सजा सुनाई है।