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परेशान हो रही जनता, सो रहा है जिला प्रशासन: स्मॉग के समाधान के लिए नहीं हो रहा कोई उपाय
ब्यूरो/अमर उजाला, गुड़गांव
Updated Sun, 06 Nov 2016 03:03 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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दिवाली के बाद शहर में तेजी से बढ़ रहे प्रदूषण का ग्राफ खतरनाक स्थिति में पहुंच चुका है। शनिवार को पूरे दिन लोग आंखों में जलन और सांस लेने में समस्या से जूझते रहे। सामान्य जनजीवन बुरी तरह से प्रभावित रहा। बावजूद जिला प्रशासन सो रहा है।
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गांव में रात्रि विश्राम कार्यक्रम आयोजित कर अपनी पीठ थपथपाने वाले जिला प्रशासन के पास ऐसी कोई योजना नहीं है जिसके जरिये प्रदूषण को कम किया जा सके। हैरानी की बात ये है कि प्रशासन का कोई अधिकारी फोन उठाने तक को तैयार नहीं है। ऐसे में अंदाजा लगाया जा सकता है कि प्रदूषण को लेकर जिला प्रशासन कितना गंभीर है।
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शनिवार को सुबह से ही आसमान में धुंध जैसी स्थिति बनी रही। लोगों की आंखों में जलन होती रही। शहरवासी सांस लेने में भी परेशानी महसूस करते रहे। लोगों ने बड़ी संख्या में मास्क और आई ड्रॉप खरीदकर बचने का प्रयास किया।
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शुक्रवार को एनजीटी ने केंद्र सरकार सहित हरियाणा से रिपोर्ट तलब कर लगातार बढ़ रहे प्रदूषण पर चिंता जाहिर की, लेकिन इसका असर जिला स्तर पर नहीं दिख रहा है। प्रदूषण से निपटने के लिए कोई योजना नहीं बनाई गई। प्रदूषण नियंत्रण विभाग के अधिकारियों का कहना है कि ग्राम पंचायतों के साथ बैठक कर पराली न जलाने के बारे में जागरुक किया गया है।
परिवहन प्राधिकरण के सचिव सुभाष श्यौराण का कहना है कि स्मॉग को लेकर कोई स्पेशल ड्राइव तो नहीं चलाया गया है, लेकिन रूटीन कमर्शियल वाहनों की चेकिंग की जा रही है। खासकर दस साल से पुराने वाहनों पर नजर रखी जाती है और चालान भी हो रहे हैं।