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Delhi NCR News: स्मार्ट तकनीक से बदलेगी फ्रेट कॉरिडोर की तस्वीर
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- अंतरराष्ट्रीय सेमिनार में सुरक्षा, विश्वसनीयता और दक्षता बढ़ाने पर जोर, विशेषज्ञों ने साझा किए अनुभव
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। भारत में माल ढुलाई रेल नेटवर्क को अधिक सुरक्षित, विश्वसनीय और किफायती बनाने के लिए आधुनिक तकनीकों को अपनाने पर जोर दिया जा रहा है। इसी उद्देश्य से डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (डीएफसीसीआईएल) और सेंटर फॉर हेवी हॉल रेल रिसर्च एंड डेवलपमेंट (सीएचएचआरआरएंडडी) की ओर से भारत मंडपम में दूसरे अंतरराष्ट्रीय सेमिनार-2026 का आयोजन किया गया। दो दिवसीय कार्यक्रम में देश और विदेश के विशेषज्ञों ने भाग लेकर भारी माल ढुलाई रेल नेटवर्क के भविष्य पर चर्चा की। डीएफसीसीआईएल के प्रबंध निदेशक प्रवीण कुमार ने कहा कि भारतीय रेलवे को वैश्विक मानकों के अनुरूप विकसित करने के लिए आधुनिक तकनीकों को तेजी से अपनाना होगा। उन्होंने कहा कि नई तकनीकों के उपयोग से रेलवे परिसंपत्तियों की विश्वसनीयता बढ़ेगी, रखरखाव लागत कम होगी और माल परिवहन प्रणाली अधिक सुरक्षित एवं दक्ष बनेगी। बढ़ती माल ढुलाई आवश्यकताओं को देखते हुए रेलवे को तकनीकी नवाचारों के साथ कदम मिलाकर चलना होगा।उन्होंने बताया कि विकास के अगले चरण में केवल एसेट स्तर के प्रदर्शन पर नहीं, बल्कि पूरे कॉरिडोर की रिलायबिलिटी और परिचालन क्षमता पर ध्यान केंद्रित करना आवश्यक है। इससे मालगाड़ियों की समयबद्धता, सुरक्षा और क्षमता में सुधार होगा।
विश्वभर के विशेषज्ञों ने साझा किए अनुभव-
सेमिनार में अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण अफ्रीका सहित विभिन्न देशों के 12 अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों ने भाग लिया। उन्होंने भारी माल ढुलाई नेटवर्क में अपनाई जा रही आधुनिक रखरखाव प्रणालियों, स्मार्ट मॉनिटरिंग तकनीकों और डिजिटल समाधानों की जानकारी दी। विशेषज्ञों ने रिलायबिलिटी इंजीनियरिंग, इंटेलिजेंट मॉनिटरिंग सिस्टम, डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन और प्रिडिक्टिव मेंटेनेंस जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की। ट्रेनों की गति, लोड और रेलवे परिसंपत्तियों की स्थिति को रियल टाइम में ट्रैक करने वाली तकनीकों को भविष्य की जरूरत बताया गया।
भारतीय परिस्थितियों के अनुरूप तकनीक पर मंथन-
सेमिनार में इस बात पर भी जोर दिया गया कि भारतीय जलवायु, ट्रैक लोड और परिचालन आवश्यकताओं के अनुसार उपयुक्त तकनीकों का चयन किया जाए। अधिकारियों का मानना है कि आधुनिक तकनीक और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के माध्यम से भारतीय रेलवे माल ढुलाई क्षमता, सुरक्षा और दक्षता के नए मानक स्थापित कर सकता है। यह सेमिनार ज्ञान आदान-प्रदान और वैश्विक सहयोग का महत्वपूर्ण मंच साबित हुआ।
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। भारत में माल ढुलाई रेल नेटवर्क को अधिक सुरक्षित, विश्वसनीय और किफायती बनाने के लिए आधुनिक तकनीकों को अपनाने पर जोर दिया जा रहा है। इसी उद्देश्य से डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (डीएफसीसीआईएल) और सेंटर फॉर हेवी हॉल रेल रिसर्च एंड डेवलपमेंट (सीएचएचआरआरएंडडी) की ओर से भारत मंडपम में दूसरे अंतरराष्ट्रीय सेमिनार-2026 का आयोजन किया गया। दो दिवसीय कार्यक्रम में देश और विदेश के विशेषज्ञों ने भाग लेकर भारी माल ढुलाई रेल नेटवर्क के भविष्य पर चर्चा की। डीएफसीसीआईएल के प्रबंध निदेशक प्रवीण कुमार ने कहा कि भारतीय रेलवे को वैश्विक मानकों के अनुरूप विकसित करने के लिए आधुनिक तकनीकों को तेजी से अपनाना होगा। उन्होंने कहा कि नई तकनीकों के उपयोग से रेलवे परिसंपत्तियों की विश्वसनीयता बढ़ेगी, रखरखाव लागत कम होगी और माल परिवहन प्रणाली अधिक सुरक्षित एवं दक्ष बनेगी। बढ़ती माल ढुलाई आवश्यकताओं को देखते हुए रेलवे को तकनीकी नवाचारों के साथ कदम मिलाकर चलना होगा।उन्होंने बताया कि विकास के अगले चरण में केवल एसेट स्तर के प्रदर्शन पर नहीं, बल्कि पूरे कॉरिडोर की रिलायबिलिटी और परिचालन क्षमता पर ध्यान केंद्रित करना आवश्यक है। इससे मालगाड़ियों की समयबद्धता, सुरक्षा और क्षमता में सुधार होगा।
विश्वभर के विशेषज्ञों ने साझा किए अनुभव-
सेमिनार में अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण अफ्रीका सहित विभिन्न देशों के 12 अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों ने भाग लिया। उन्होंने भारी माल ढुलाई नेटवर्क में अपनाई जा रही आधुनिक रखरखाव प्रणालियों, स्मार्ट मॉनिटरिंग तकनीकों और डिजिटल समाधानों की जानकारी दी। विशेषज्ञों ने रिलायबिलिटी इंजीनियरिंग, इंटेलिजेंट मॉनिटरिंग सिस्टम, डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन और प्रिडिक्टिव मेंटेनेंस जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की। ट्रेनों की गति, लोड और रेलवे परिसंपत्तियों की स्थिति को रियल टाइम में ट्रैक करने वाली तकनीकों को भविष्य की जरूरत बताया गया।
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भारतीय परिस्थितियों के अनुरूप तकनीक पर मंथन-
सेमिनार में इस बात पर भी जोर दिया गया कि भारतीय जलवायु, ट्रैक लोड और परिचालन आवश्यकताओं के अनुसार उपयुक्त तकनीकों का चयन किया जाए। अधिकारियों का मानना है कि आधुनिक तकनीक और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के माध्यम से भारतीय रेलवे माल ढुलाई क्षमता, सुरक्षा और दक्षता के नए मानक स्थापित कर सकता है। यह सेमिनार ज्ञान आदान-प्रदान और वैश्विक सहयोग का महत्वपूर्ण मंच साबित हुआ।
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