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हरियाणा में प्रदूषण फैलाने वाले 6 लाख वाहनों का पंजीकरण रद्द, लिस्ट जारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दिल्ली
Updated Thu, 29 Nov 2018 07:28 AM IST
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हरियाणा के 13 एनसीआर जिलों में प्रदूषण फैलाने वाले करीब छह लाख वाहनों का पंजीकरण रद्द कर दिया गया है। सुप्रीम कोर्ट और नेशनल ग्रीन ट्रिब्युनल (एनजीटी) के आदेश का अनुपालन करते हुए हरियाणा परिवहन विभाग की ओर से 11 नवंबर को 10 वर्ष पुराने डीजल और 15 वर्ष पुराने पेट्रोल वाहनों का पंजीकरण रद्द किया गया है। वहीं, ऐसे प्रतिबंधित वाहनों की सूची हरियाणा परिवहन विभाग के साथ केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) ने जारी की है।
हरियाणा के एनसीआर जिलों में फरीदाबाद, गुरुग्राम, मेवात, रोहतक, सोनीपत, रेवाड़ी, झज्जर, पानीपत, पलवल, भिवानी (चरखी दादरी), महेंद्रगढ़, जींद, करनाल का नाम शामिल है। इन जिलों के 10 वर्ष पुराने डीजल और 15 वर्ष पुराने पेट्रोल वाहनों को प्रतिबंधित किया गया था। जिन वाहनों का पंजीकरण रद्द कर दिया गया है उनमें 2,87,613 पेट्रोल वाहन और 3,07,453 डीजल ईंधन वाले बस, कार, मोटरसाइकिल, एंबुलेंस आदि वाहन शामिल हैं।
अक्तूबर में जारी हुआ था नोटिस
अक्तूबर में हरियाणा के परिवहन विभाग ने एक नोटिस भी जारी किया था कि 10 वर्ष पुराने डीजल वाहन और 15 वर्ष पुराने पेट्रोल वाहन यदि सड़कों पर चलते हुए पाए जाएंगे तो इसे सुप्रीम कोर्ट और नेशनल ग्रीन ट्रिब्युनल (एनजीटी) के आदेश का उल्लंघन माना जाएगा। संबंधित वाहन को जब्त कर उचित कार्रवाई की जाएगी।
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हरियाणा के एनसीआर जिलों में फरीदाबाद, गुरुग्राम, मेवात, रोहतक, सोनीपत, रेवाड़ी, झज्जर, पानीपत, पलवल, भिवानी (चरखी दादरी), महेंद्रगढ़, जींद, करनाल का नाम शामिल है। इन जिलों के 10 वर्ष पुराने डीजल और 15 वर्ष पुराने पेट्रोल वाहनों को प्रतिबंधित किया गया था। जिन वाहनों का पंजीकरण रद्द कर दिया गया है उनमें 2,87,613 पेट्रोल वाहन और 3,07,453 डीजल ईंधन वाले बस, कार, मोटरसाइकिल, एंबुलेंस आदि वाहन शामिल हैं।
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अक्तूबर में जारी हुआ था नोटिस
अक्तूबर में हरियाणा के परिवहन विभाग ने एक नोटिस भी जारी किया था कि 10 वर्ष पुराने डीजल वाहन और 15 वर्ष पुराने पेट्रोल वाहन यदि सड़कों पर चलते हुए पाए जाएंगे तो इसे सुप्रीम कोर्ट और नेशनल ग्रीन ट्रिब्युनल (एनजीटी) के आदेश का उल्लंघन माना जाएगा। संबंधित वाहन को जब्त कर उचित कार्रवाई की जाएगी।
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2015 में एनजीटी ने लगाया था प्रतिबंध
2015 में एनजीटी ने दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में 10 वर्ष पुराने डीजल वाहन और 15 वर्ष पुराने पेट्रोल वाहनों पर प्रतिबंध लगा दिया था। साथ ही 15 वर्ष पुराने वाहनों को सार्वजनिक पार्किंग स्थल पर खड़ा करने पर प्रतिबंध भी लगाया गया था। हाल ही में सुप्रीम कोर्ट और एनजीटी ने दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण की बढ़ोत्तरी पर रोकथाम के मद्देनजर प्रदूषण फैलाने वाले उम्रदराज वाहनों को प्रतिबंध करने का आदेश दिया था।
वाहनों से 40 फीसदी प्रदूषण
हाल ही में सुप्रीम कोर्ट गठित पर्यावरण प्राधिकरण प्रदूषण नियंत्रण (ईपीसीए) ने भी कहा था कि दिल्ली-एनसीआर के कुल वायु प्रदूषण में वाहनों से होने वाले प्रदूषण की हिस्सेदारी 40 फीसदी है।
वाहनों से 40 फीसदी प्रदूषण
हाल ही में सुप्रीम कोर्ट गठित पर्यावरण प्राधिकरण प्रदूषण नियंत्रण (ईपीसीए) ने भी कहा था कि दिल्ली-एनसीआर के कुल वायु प्रदूषण में वाहनों से होने वाले प्रदूषण की हिस्सेदारी 40 फीसदी है।