फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Six including four Iranian nationals arrested for cheating foreign tourists in Delhi

Delhi: पुलिस व सीबीआई अफसर बनकर विदेशी सैलानियों से करते थे ठगी, चार ईरानी नागरिकों समेत छह आरोपी गिरफ्तार

Sat, 05 Nov 2022 08:40 AM IST
अनुराग सक्सेना अमर उजाला ब्यूरो, दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, दिल्ली Published by: अनुराग सक्सेना Updated Sat, 05 Nov 2022 08:40 AM IST
सार

आरोपी एजेंट 100 से ज्यादा फर्जी आधार कार्ड बना चुके हैं। पुलिस ने इनके पास से एक कार, चार फर्जी नंबर प्लेट, 1,20,000 रियाल, 120 यूरो, आधार कार्ड बनाने वाले उपकरण, एक लैपटॉप व तीन मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं।

विज्ञापन
Six including four Iranian nationals arrested for cheating foreign tourists in Delhi
Demo Pic - फोटो : google

विस्तार

ईरानी नागरिक पुलिस व सीबीआई अफसर बनकर दिल्ली आने वाले विदेशी सैलानियों के साथ ठगी व लूटपाट कर रहे थे। ग्रेटर कैलाश थाना पुलिस ने ईरानी नागरिकों के इस गिरोह का पर्दाफाश का चार ईरानी नागरिक, आधार कार्ड बनाने वाली एजेंसी यूआईडीबी के अधिकृत एजेंट समेत छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

विज्ञापन


पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपी एजेंट 100 से ज्यादा फर्जी आधार कार्ड बना चुके हैं। पुलिस ने इनके पास से एक कार, चार फर्जी नंबर प्लेट, 1,20,000 रियाल, 120 यूरो, आधार कार्ड बनाने वाले उपकरण, एक लैपटॉप व तीन मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं।
विज्ञापन


दक्षिण जिला डीसीपी चंदन चौधरी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान ईरानी नागरिक मोहम्मद यूनुस उर्फ रिजवान (55), मो. गुलाम बेहरामी (29), फरसद मुरादी (43), मो. कासिम (45), भोगल निवासी मधुसूदन साहा (40) और शकूर बस्ती निवासी रवि यादव (23) के रूप में हुई है। बीसीए डिग्री होल्डर रवि यादव अधिकृत एजेंट था।
विज्ञापन
विज्ञापन


उन्होंने बताया कि बर्लिन, जर्मनी निवासी पीड़िता (38) अपने पति का इलाज कराने ग्रेटर कैलाश-1 (जीके-1) आई थी। पीड़िता ने जीके- थानाध्यक्ष अजीत कुमार को 12 सितंबर को शिकायत दी थी। उन्होंने अपनी शिकायत में कहा था कि वह करीब छह बजे अस्पताल से घर लौट रही थी। तभी चार लोग कार में आए। आरोपियों ने खुद को दिल्ली पुलिस अफसर बताकर पासपोर्ट दिखाने को कहा। जैसे ही पीड़िता ने आधार दिखाने के लिए पर्स खोला, आरोपी पर्स में रखे 3000 यूरो आदि लूटकर फरार हो गए। 

मामला दर्जकर थानाध्यक्ष अजीत कुमार की देखरेख में इंस्पेक्टर अनिल कुमार व एसआई वरुण गुलिया की टीम ने जांच शुरू की। पुलिस ने टीम ने करीब 200 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज से पता लगा कि ईरानी गिरोह ने इस वारदात को अंजाम दिया है। थानाध्यक्ष अजीत कुमार की देखरेख में पुलिस टीम ने ग्रेटर नोएडा से मो. यूनुस व मो. गुलाम को गिरफ्तार कर लिया। इनसे पूछताछ के बाद इनका फर्जी आधार कार्ड बनाने वाले चार आरोपी फरसद मुरादी, मधुसूदन साहा, रवि यादव और मो. कासिम को गिरफ्तार कर लिया। रवि यादव के कब्जे से आधार कार्ड बराने वाले उपकरण व एक लैपटॉप बरामद किया गया।

दिल्ली आकर लोगों को ठगने लगा

मो. गुलाम ने पूछताछ में बताया कि वह ससुर के साथ वर्ष फरवरी 2020 में दिल्ली आया। इसने लाजपत नगर में रहकर दिल्ली व देश में अन्य जगहों पर विदेशी सैलानियों को ठगना शुरू कर दिया। वह जुलाई, 2020 में दो अन्य ईरानी नागरिकों से मिला। इन लोगों ने विदेशियों को ठगना शुरू कर दिया। मो. कासिम ने जुलाई, 2022 में इसका आठ हजार में फर्जी आधार कार्ड बनाया। जब इसे पता लगा कि आधार कार्ड फर्जी है तो ये फरसद से मिला। फरसद ने इसे मधुसूदन उर्फ राजू व रवि यादव से मिलवाया। इन्होंने 19 हजार में मो. यूनुस व मो. गुलाम का आधार कार्ड बनाया। ये कार ऑनलाइन किराए पर लेते थे। फिर उसकी नंबर प्लेट बदलकर वारदात करते थे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed