{"_id":"5dc4c86d8ebc3e5b5066bd06","slug":"sister-s-father-in-law-shot-to-avenge-love-marriage","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्रेम विवाह का बदला लेने के लिए बहन के ससुर को मारी गोली","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्रेम विवाह का बदला लेने के लिए बहन के ससुर को मारी गोली
Fri, 08 Nov 2019 07:14 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Fri, 08 Nov 2019 07:14 AM IST
विज्ञापन
गोली चलाई...
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मुखर्जी नगर इलाके में अपनी बहन के प्रेम विवाह कर लेने से नाराज एक युवक ने उसके ससुर को गोली मार दी। गोली लगने के बावजूद पीड़ित ने अपने बेटे के साथ आरोपियों का पीछा किया और गोली मारकर बाइक से भाग रहे दो आरोपियों को दबोच कर उन्हें पुलिस के हवाले कर दिया। घायल शख्स का बाबू जगजीवन राम अस्पताल में इलाज चल रहा है। मुखर्जी नगर थाना पुलिस हत्या के प्रयास का मामला दर्ज कर जांच कर रही है।
विज्ञापन
पुलिस के अनुसार घायल शख्स की पहचान कबीर नगर निवासी इंद्रजीत (50) के रूप में हुई है। वह बुधवार रात अपने बेटे वेदप्रकाश के साथ शनि मंदिर विजय नगर से पोलो रोड बाइक से जा रहा था। एनपीएल के पास गोली चलने की आवाज सुनी और दो युवक तेजी से बाइक से निकले।
विज्ञापन
तभी इंद्रजीत ने बेटे को बताया कि दोनों युवकों ने उसके पीठ में गोली मार दी है। वेदप्रकाश ने बाइक की रफ्तार बढ़ाकर हमलावरों का पीछा किया। इस दौरान बदमाशों ने वेदप्रकाश पर भी फायरिंग की लेकिन गोली उसे नहीं लगी।
विज्ञापन
घायल होने के बावजूद इंद्रजीत ने बाइक की पिछली सीट पर बैठे युवक का बैग खींच लिया जिसकी वजह से दोनों युवक बाइक समेत गिर गये। उसके बाद लोगों ने दोनों हमलावरों को पुलिस ने मौके से दबोच लिया। इन आरोपियों की पहचान विकास और मुकेश के रूप में हुई है। पुलिस ने इनसे पिस्टल और चार कारतूस बरामद किए हैं।
जांच के बाद पुलिस ने बताया कि इंद्रजीत का छोटा बेटे रोहित ने विकास की मर्जी के खिलाफ उसकी बहन से प्रेम विवाह कर लिया था। विकास उसके बाद से रोहित के परिवार वालों से बदला लेने की ताक में था। पुलिस ने बताया कि इंद्रजीत की हालत खतरे से बाहर है।