विधानसभा में सिसोदिया बोले, सभी झुग्गियों का होगा पुनर्वास
उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा है कि दिल्ली में झुग्गी वालों के पुनर्वास के लिए दो पुनर्वास नीति है। पहली नीति फरवरी, 2013 की है, जिसमें कट ऑफ डेट अप्रैल, 2009 थी।
उसमें 50-55 फीसदी ही पुनर्वास के लिए योग्य पाए जा रहे थे। आम आदमी पार्टी की सरकार आई तो नई पुनर्वास नीति दिसंबर, 2015 में मंजूर की गई, उसमें जनवरी, 2015 तक बस चुकी झुग्गी के बदले संबंधित प्रमाण प्रस्तुत करने पर पुनर्वास करने का प्रावधान है।
नेता प्रतिपक्ष विजेंद्र गुप्ता के प्रश्न पर उपमुख्यमंत्री ने बताया कि 16 दिसंबर, 2015 को दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड (डुसिब) ने स्लम एवं जेजे पुनर्वास स्थानांतरण नीति 2015 को मंजूरी दी गई है।
जेजे बस्तियों को अधिसूचित करने की प्रक्रिया चल रही है
इसमें दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड के अधिनियम 2010 की धारा 2 जी के प्रावधानों को पूर्ण करने वाली सभी जेजे बस्तियां पुनर्वास के योग्य हैं। अधिनियम की इस धारा में जेजे बस्तियों को अधिसूचित करने की प्रक्रिया चल रही है।
इस नीति में सरदार पटेल नगर शिविर ज्वालापुरी को फ्लैट में शिफ्ट किया गया है। इसमें 533 झुग्गी के बदले 2.28 करोड़ रुपये उनसे लिए गए हैं। इस दौरान विस के मुख्य सचेतक जगदीप सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री ने मायापुरी में झुग्गी तोड़े जाने के बाद 3 महीने में पुनर्वास का आश्वासन दिया था, अब नौ महीने गुजर गए हैं, इनका कुछ नहीं हुआ।
डीएसआईआईडीसी की जमीन पर झुग्गी बसी थी। सीईओ डुसिब ने भी लिखकर आश्वासन दिया था। हालांकि इस पर उपमुख्यमंत्री ने कुछ नहीं कहा।