बजटः मौज-मस्ती महंगी, जरूरतमंदों को सौगात
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दिल्ली सरकार के वित्त मंत्री मनीष सिसोदिया ने बृहस्पतिवार को पहला बजट पेश किया। सरकार ने वैट दरों में न कोई वृद्धि की और न ही दायरा बढ़ाया। लेकिन मौज-मस्ती करने वालों की जेब खाली करने का इंतजाम जरूर कर दिया।
दूसरी ओर जरूरतमंद लोगों के लिए राहत के कई सौगात भी सरकार ने दिए हैं। इसके अलावा बजट में जनता की भागीदारी के लिए स्वराज निधि और छोटे रखरखाव के लिए अलग एजेंसी की घोषणा कर नए प्रयोग की कोशिश भी की है।
सरकार ने केबल टीवी व डीटीएच पर कर दोगुना करके 40 रुपये, सिनेमा टिकट पर मनोरंजन कर 20 से बढ़ाकर 40 फीसदी, सभी प्रतिष्ठानों पर लागू लग्जरी टैक्स की दर 10 फीसदी से बढ़ाकर 15 फीसदी, घोड़े पर दाव समेत बाजीगरी टैक्स 10 फीसदी से बढ़ाकर 20 फीसदी करने का प्रस्ताव रखा है।
जरूरतमंदों को राहत देता है सिसोदिया का बजट
इसी तरहकंपनी या साझेदारी फर्म के नाम निजी वाहन की खरीद पर पंजीकरण कर में 25 फीसदी की बढ़ोतरी के अलावा शराब की खुदरा बिक्री करने वाले निगमों की लाइसेंस फीस ढाई लाख से बढ़ाकर 4 लाख करने का प्रस्ताव वित्तमंत्री ने रखा है।
हालांकि फ्री वाईफाई जरूर राहत दे सकता है। दिल्ली सरकार के अब तक के सबसे बड़े बजट में जहां वसूली का रास्ता मौज मस्ती और प्रदूषण फैलाने वालों की जेब से निकाला है।
दूसरे राज्य से प्रवेश वाले माल वाहन पर एमसीडी के अलावा एक नया टैक्स 100 रुपये से 1500 तक लगाने का फैसला किया है। वहीं प्रदूषण में कमी की योजनाएं भी गिनवाई हैं।
दूसरी ओर सरकार ने बिजली सब्सिडी, फ्री पानी, ई रिक्शा में सब्सिडी, सरकारी अस्पतालों में सुविधा, सरकारी स्कूल सुधार, छात्रों को आसान लोन का इंतजाम कर राहत देने की कोशिश की है। जनता की शासन में भागीदारी के लिए स्वराज निधि गठित करने के अलावा छोटी रखरखाव के लिए दिल्ली नगर विकास एजेंसी गठन की घोषणा भी गई है।
ये है बजट में खास
सरकार ने शिक्षा पर योजना खर्च 106 फीसदी बढ़ाने का प्रस्ताव किया तो स्वास्थ्य सेवाओं के लिए 43 फीसदी बजट वृद्धि की घोषणा की। योजना बजट का करीब एक चौथाई 24 फीसदी शिक्षा पर खर्च होगा तो परिवहन पर 20 फीसदी और हेल्थ पर 16.50 फीसदी खर्च करने की तैयारी की है।
मनीष सिसोदिया ने अपने सवा दो घंटे तक प्रस्तुत मैराथन बजट भाषण में कहा कि वैट में मामूली स्पष्टीकरण के अलावा कोई कर नहीं बढ़ा रहे हैं। वित्त वर्ष 2015-16 में सरकार योजना मद में 19 हजार करोड़ के साथ 41,129 करोड़ रुपये खर्च करेगी। इस बजट को पिछले संशोधितबजट से 18 फीसदी अधिक बताया है।
सरकार ने वैट दरों में सुधार करते हुए लकड़ी और उससे बने फर्नीचर में वैट दर 12.5 फीसदी से घटाकर 5 फीसदी का प्रस्ताव किया है । सभी तरह के मोम पर लगने वाले 5 से 20 फीसदी तक के वैट को घटाकर 5 फीसदी का प्रस्ताव। चाकू-छुरी पर टैक्स 12.5 फीसदी से घटाकर 5 फीसदी का प्रस्ताव।