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क्यों हो रहा है सिंगल विंडो सिस्टम का 40 साल से इंतजार

Sat, 01 Mar 2014 12:46 PM IST
अमर उजाला, नोएडा
अमर उजाला, नोएडा Updated Sat, 01 Mar 2014 12:46 PM IST
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Single window system demand on peak

40 साल गुजर जाने के बावजूद नोएडा के उद्यमियों को सिंगल विंडो सिस्टम का इंतजार है।

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विस्तार में जुटे उद्यमियों ने सिंगल विंडो सिस्टम की मांग एक बार फिर तेज कर दी है। उनका कहना है कि नया उद्योग लगाने से पहले उन्हें सरकारी विभागों में चक्कर काटने पड़ते हैं। शहर में कुछ क्षेत्रों को औद्योगिक रूप से विकसित किया जा रहा है।

इसमें नए सेक्टर शामिल हैं। वहीं, प्रदूषण रहित इकाइयों की संख्या बढ़ाने के लिए भी नए निवेशकों की खोज हो रही है। ऐसे में सिंगल विंडो के संबंध में उद्यमी संगठन ने जिलाधिकारी एवी राजामौली से लेकर प्राधिकरण चेयरमैन रमा रमण तक पत्र लिखे हैं।
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वहीं, उद्यमियों का एक दल शासन स्तर पर कार्यवाही को तेजी से अंजाम देने में जुट गया है। नोएडा की स्थापना 1976 में हुई। इसके बाद 1981 से औद्योगिक इकाइयों की नींव पड़ने लगी। नब्बे के दशक में तेजी से विकास हुआ और 2000 आते-आते नोएडा में औद्योगिक विकास चरम पर पहुंचने लगा।


2007 से नोएडा को नई पहचान मिली और निवेशकों की संख्या बढ़ने लगी। इसी बीच उद्योग लगाने के लिए सिंगल विंडो की मांग उठी। नोएडा इंटरप्रिनियोर्स एसोसिएशन (एनईए) के महासचिव वीके सेठ और प्रवक्ता सुधीर श्रीवास्तव ने बताया कि नई औद्योगिक इकाईयों को बसाने से पहले सिंगल विंडो की शुरुआत करनी होगी।

ये फायदा होगा
वर्तमान व्यवस्था में अलग-अलग विभागों के चक्कर काटने पड़ते हैं, जिससे काफी ज्यादा दिक्कत आती है। सिंगल विंडो सिस्टम के जरिए प्रदूषण विभाग से एनओसी, विद्युत कनेक्शन, जिला उद्योग से पंजीकरण व अन्य संबंधित सरकारी विभागों की अनुमति एक जगह मिलने से उद्यमियों को सहूलियत होगी।

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