अनीसा को शूटिंग के लिए ये भी करना पड़ा
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बेच दी अपने गहने
ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स में रजत पदक विजेता फरीदाबाद की अनीसा सैय्यद के जीवन का यह पहलू शायद ही किसी को मालूम होगा कि उन्हे शूटिंग के लिए अपने निकाह के दौरान खरीदे गए गहने तक बेचने पडे़ थे।
पति मुबारक के अनुसार उनकी जिंदगी का यह सबसे कठिन दौर था। इतनी परेशानियों के बाद भी उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। अपनी शूटिंग जारी रखी। मुबारक के हौसला देने के बाद उनका मनोबल बढ़ा।
कठिन परिस्थितियों में कोच जसपाल राणा उनके लिए एक आशा की किरण बनकर आए। जिन्होंने उनकी मुलाकात मेडल हंट आर्गनाइजेशन के मनीष बहुगुणा से करवाई। जिसके बाद स्थिति में थोड़ा सुधार हुआ।
चांदी जीतने पर भी नहीं सुधरे हालात
दिल्ली कॉमनवेल्थ गेम्स में रजद पदक तक पहुचंने के लिए अनीसा को काफी संघर्ष करना पड़ा था। लेकिन रजत पदक जीतने के बाद अनीसा व उनके परिजनों में उम्मीद जागी कि स्थिति सुधर जाएगी। उन्हें सरकार से नौकरी की उम्मीद थे।
लेकिन मनमुताबिक नौकरी नहीं मिलने के कारण आशा निराशा में बदल गई। अनीसा ने सारी निराशाओं को पीछे छोड़कर वर्ल्ड कप व कॉमनवेल्थ गेम्स की तैयारी शुरू कर दी। तैयारी के लिए बुलेट व अन्य उपकरण भी अनीसा को अपने खर्चे से खरीदने पडे़।
...और ऐसे गुजरती थी रात
घर में भी अभ्यास करने की जगह बनाई गई। कुछ दिन तैयारी सही चलने के बाद पैसे की तंगी सामने आने लगी। अनीसा के दिमाग में भी खेल को विराम देने का ख्याल आने लगा। पति मुबारक ने हौसला दिया और इस दौरान गहने भी बिक गए।
अनीसा के अनुसार किसी भी प्रतियोगिता में पदक जीतना इतना मुश्किल नहीं होता। शूटिंग जैसे महंगे खेल में हर कदम पर आपके सामने चुनौती होती है।
पति मुबारक के अनुसार कॉमनवेल्थ में जाने से पहले कई दिन ऐसे भी थे जब पूरी रात कठिन परिस्थितियां सोचकर ही बीत जाती थीं। लेकिन अब मन में राहत है कि परिणाम अच्छा निकला है। इस समय भी अनीसा बेरोजगार हैं।