चक्की पर बने निशान तो लोगों ने शुरू कर दी पूजा
कुछ वर्ष पूर्व सामने आया भगवान के दूध पीने जैसा अंधविश्वास का एक मामला रविवार रात हथीन में भी देखने को मिला। यहां सिलबट्टा व आटा पीसने वाली चक्की पर खुद ब खुद निशान बनते जाने का मामला चर्चा का विषय बना रहा।
लोगों में पूरी रात इसी बात की चर्चा रही कि ये निशान अपने आप कैसे आ रहे हैं। कुछ लोगों ने तो सिल बट्टा व आटे की चक्की को अपने घरों से बाहर निकाल पूजा अर्चना भी शुरू कर दी।
रविवार रात करीब 9 बजे हथीन के अलग-अलग वार्डों 3, 4 व 5 नंबर से ‘अमर उजाला’ के पास फोन आए। लोगों ने बताया कि उनकी पत्थर की चक्की पर अपने आप ताजा निशान बन रहे हैं। शहर में यह बात फैलने लगी, लोग एक-दूसरे को फोन करके इस बारे में बताने लगे।
ये आस्था है या अंधविश्वास
फोन पर एक व्यक्ति ने बताया कि उनके घर में रखे हुए सिलबट्टे व चक्की पर अपने आप ही ताजा निशान बन रहे हैं। जबकि उन्होंने कुछ नहीं किया। निशानों को देखने के लिए रात भर भीड़ जुटती रही।
कुछ लोगों का कहना था कि यह किसी शक्ति का असर है, वहीं इस सब को अंध विश्वास व बेकार की बात मानने वालों की संख्या बहुत अधिक थी।
वहीं अंधविश्वास के कारण शहर में कुछ लोग तो सिलबट्टा व चक्की को घरों से बाहर निकाल कर पूजा करने लगे। कुछ लोगों ने इस बात का विरोध भी किया और इसे गलत बताया, लेकिन अंध विश्वास में पड़े लोगों ने उनकी बात नहीं मानी और सोमवार सुबह तक पूजा अर्चना में लगे रहे।