सिख दंगों में तबाह हुए उद्योगो के मालिकों को मिलेगी राहत
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वर्ष 1984 में सिखों के खिलाफ हुए दंगों की आग में गुड़गांव भी झुलसा था। इस दौरान सिख समुदाय को जान और माल का काफी नुकसान हुआ था। कईयों के उद्योग-धंधे भी चौपट हो गए थे।
तीन दशक से अधिक समय से न्याय की मांग कर रहे लोगों को मंगलवार को राहत भरी खबर मिली। जिला उद्योग केंद्र की ओर से दंगों में तबाह हुए उद्योगों की सूची तैयार की गई है। इन सभी को सरकार मुआवजा देने की तैयारी कर रही है।
दंगों में जिनकी भी औद्योगिक इकाईयों को नुकसान हुआ था, उनसे सात दिन के भीतर दावे व आपत्तियां मांगी गई हैं। जिला उद्योग केंद्र्र को दंगे के दौरान आठ इकाइयों में संपत्ति के नुकसान होने की सूचना मिली है।
कई फैक्ट्रियां हुई थी प्रभावित
जिला उद्योग केंद्र के प्रवक्ता ने कहा कि अगर किसी भी व्यक्ति को अगर इन फैक्टरियों के हुए नुकसान पर कोई आपत्ति है तो सात दिन के भीतर वह महरौली रोड स्थित जिला उद्योग केंद्र के संयुक्त निदेशक कार्यालय में अपना आवेदन कर दें।
अगर इस अवधि में कोई आपत्ति प्राप्त नहीं होती है तो यह मान लिया जाएगा कि फैक्टरियों में दंगो के दौरान हुए नुकसान पर किसी को कोई आपत्ति नहीं है।
इसके बाद यह रिपोर्ट जिला उपायुक्त को भेज दी जाएगी। गुरुद्वारा सिंह सभा के अध्यक्ष संतोख सिंह साहनी ने बताया कि आठ से कहीं अधिक फैक्टरियों को दंगे के दौरान नुकसान पहुंचाया गया था।
सिर्फ आठ यूनिटों के नुकसान की बात ठीक नहीं है। उन्होंने कहा कि जिला उद्योग केंद्र ने किस प्रकार से यह सूची तैयार की है पता नहीं। पीड़ितों से इस मामले में कोई बात नहीं की गई है। उन्होंने प्रशासन से पूछा है कि नुकसान का मुआवजा कितना दिया जाएगा।