Delhi Traffic: ट्रैफिक के दवाब से सिग्नल की बत्ती होगी हरी या लाल, अब कैमरों से होंगे सभी तरह के चालान
अभी तक दिल्ली वालों की आदत हैं कि दाएं-बाएं देखा और अगर लालबत्ती पर ट्रैफिक पुलिस कर्मी नहीं है तो लालबत्ती जंप कर ली। अब दिल्ली वालों को ये गलत आदत बदलने पड़ेगी। आईटीएमएस के तहत सभी तरह के दिखने वाले चालान कैमरों से होंगे।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
राजधानी में अब ट्रैफिक के दबाव से सिग्नल की बत्ती लाल या हरी होगी। जिस मार्ग पर ट्रैफिक का दबाव ज्यादा होगा, वहां की लाइट तुरंत हरी हो जाएगी। साथ ही सीट बेल्ट व ट्रिपल राइडिंग समेत दिखने वाले सभी चालान कैमरे से होंगे। इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस), दिल्ली में इस तरह के काफी परिवर्तन ला रहा है। गृह मंत्रालय की ओर से नामित संस्था ने आईटीएमएस को लागू करने के लिए विस्तार परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) दिल्ली ट्रैफिक पुलिस को पिछले सप्ताह सौंप दी गई है।
देश की राजधानी दिल्ली की सबसे बड़ी समस्या ट्रैफिक जाम है। पड़ोसी राज्य यूपी व हरियाणा के शहरों में तेजी से विकास होने पर दिल्ली में ट्रैफिक जाम की समस्या बढ़ी है। ऐसे में गृह मंत्रालय के आदेश पर दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ट्रैफिक जाम व परिवहन व्यवस्था में सुधार के लिए बहुमुखी, व्यापक, एकीकृत, डेटा केंद्रित इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस) शुरू करने जा रही है।
इस सिस्टम के लागू होने से ट्रैफिक की स्पीड प्रतिघंटा 20 से 30 प्रतिशत बढ़ जाएगी। इससे सड़क दुर्घटनाओं में कमी आएगी। साथ ही समय में सुधार भी होगा। इस सिस्टम के तहत परिवहन समस्याओं के समाधान में कंप्यूटर और संचार तकनीकों का उपयोग किया जाएगा। आईटीएमएस प्रणाली बेहतर यातायात प्रबंधन के लिए वास्तविक समय में यातायात सिग्नल नियंत्रण को अनुकूलन करती है और इसमें मुख्य तौर पर उर्जा कुशल उपकरण उपकरण प्रणाली के साथ कमांड, नियंत्रण और डेटा सेंटर शामिल हैं।
गृह मंत्रालय की नामित संस्था ने रिपोर्ट सौंपी
गृह मंत्रालय ने दिल्ली ट्रैफिक पुलिस की आईटीएमएस परियोजना को शुरू करने के लिए सी-डैक को नामित किया था। गृह मंत्रालय ने सी-डैक को विस्तार परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) और पीएमसी शुल्क प्रस्तुत करने के लिए कहा। सी-डैक ने डीपीआर बनाने के लिए मैसेज गैआ स्मार्ट सिटीज सॉल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड को नामित किया था। इस संस्था ने पूरी दिल्ली में सर्वे करके डीपीआर दिल्ली ट्रैफिक पुलिस को पिछले सप्ताह सौंप दी है। दिल्ली पुलिस आयुक्त संजय अरोड़ा की निगरानी में दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने इस पर मंथन करना शुरू कर दिया है।
आईटीएमएस में ये होगा
आईटीएमएस के तहत अनुकूलित यातायात नियंत्रण प्रणाली (एटीसीएस) एक यातायात प्रबंधन रणनीति है। इसमें वास्तविक यातायात मांग के आधार पर यातायात सिग्नल का समय बदलता है। यानी जिस तरफ ट्रैफिक का दबाव ज्यादा होगा उस समय की हरी बत्ती तुरंत हो जाएगी। इसमें हार्डवेयर व सॉफ्टवेयर दोनों का इस्तेमाल किया जाएगा। इससे ट्रैफिक जाम कम होगा।
- सिग्नल नियंत्रक।
- सेंसर व थर्मल कैमरे।
- पुन: प्रयोज्य स्ट्रीट-फर्नीचर (सिग्नल पोल, केबल और एलईडी)
- सुलभ सिग्नल पैदल यात्री नियंत्रण
- आपातकालीन सेवा वाहन प्राथमिकता (ईएसवीपीजे)
- वीआईपी वाहन बेड़े के आपातकालीन फ्रंट रियर वाहनों के लिए।
- उपलब्ध डेटा का उपयोग करके स्वचालित घटना जांच प्रणाली (एआईडीएस)।
- घटनाओं को पता लगाने और उत्पन्न करने के लिए फ्लोटिंग कार डेटा (एफसीडी) को कैप्चर करने के लिए थर्ड पार्टी क्राउड सोर्सिंग डेटा का इस्तेमाल।
इसके तहत बीएमएस, मोबाइल फोन, एफएम रेडियो, सोशल मीडिया आदि माध्यमों से यातायात सलाहकार संदेश भेजे जाएंगे। वाहनों चालकों को पहले ही बता दिया जाएगा कि कहां जाम लग रहा है और कहां जलभराव है।
पार्किंग प्रबंधन प्रणाली
विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफार्म, बीएमएस, मोबाइल फोन, इन व्हीकल सिस्टम और सोशल मीडिया पर पार्किंग जानकारी (पार्किंग का पता, उपलब्धता और पार्किंग शुल्क) आदि के जानकारी समय पर दे जाएगी। ये स्क्रीन व मैसेज के जरिये वाहन चालकों तक पहुंचेगी।
डाटा सेंटर और डिजास्टर रिकवरी
इसके तहत बड़ी मात्रा में डेटा को एकत्रित करने, संसाधित करने, स्टोर करने और प्रसारित किया जाता है। डिजास्टर रिकवरी वह प्रक्रिया है जिसके द्वारा प्रौद्योगिकी से संबंधित आपदाओं जैसे बिजली आउटेज, प्राकृतिक घटनाओं और सुरक्षा मुद्दों का अनुमान लगाया जाता है।
मैसेज वाली स्क्रीन लगेंगी
आईटीएमएस के तहत दिल्ली में विभिन्न मार्गों पर स्क्रीन लगाई जाएंगी। इस स्क्रीन पर मैसेज चलेगा कि आगे जाम है या जल भराव है। ऐसे में वाहन चालक स्क्रीन पर चल रहे मैसेज को देखकर अपना मार्ग बदल लेगा और जाम में फंसने से बच जाएगा।
अब सभी तरह के चालान कैमरों से होंगे
अभी तक दिल्ली वालों की आदत हैं कि दाएं-बाएं देखा और अगर लालबत्ती पर ट्रैफिक पुलिस कर्मी नहीं है तो लालबत्ती जंप कर ली। अब दिल्ली वालों को ये गलत आदत बदलने पड़ेगी। आईटीएमएस के तहत सभी तरह के दिखने वाले चालान कैमरों से होंगे। इसमें सीट बेल्ट और ट्रिपल राइडिंग आदि शामिल हैं। आईटीएमएस के तहत सेंसर तकनीक का इस्तेमाल कर ट्रैफिक नियमों को उल्लंघन करने वाले वाहनों का पता लगाया जाएगा। इसमें रेड लाइट वॉयलेशन डिटेक्शन (आरएलवीडी) व गति जांच कैमरे लगाए जाएंगे। इसमें बाहरी घटकों में निगरारी कैमरे, सीसीटीवी कैमरे, घटना का पता लगाने वाले कैमरे, वीडियो प्रबंयान, ई-चालान मशीन और विशेषात्मक सिस्टम शामिल हैं।
- स्वचालित नंबर प्लेट पहचान और लाल बत्ती उल्लंघन प्रणाली(आरएलवीडी) के लिए आईपी ऑप्टिकल कैमरे।
- स्वचालित यातायात गणना, वर्गीकरण और गति उल्लंघन के लिए 4के रडार और आईपी ऑप्टीमल कैमरे।
ई-चालान
- घटना प्रबंधन और प्रतिक्रिया प्रणाली।
यातायात प्रबंधन केंद्र
आईटीएमएस के तहत क्षेत्रीय कमान और नियंत्रण केंद्रों के साथ केंद्रीकृत और नियंत्रण केंद्र की स्थापना की जा रही है। इसका इस्तेमाल यातायात सूचना एकत्र करने, संसाधित करने, रिकार्ड करने व साझा करने और सड़क उपयोगकर्ताओं को दूरस्थ रूप से सूचना प्रसारित करने के लिए की जाएगी।
- आईटीएमएस और अन्य एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर
- डाटा स्टोरेज सिस्टम
- आईटी उपकरण
- वीडियो वाल