सिद्धू पर संभलकर कदम उठा रही आप, पीठ थपथपाने से आगे बढ़ने को तैयार नहीं पार्टी
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पूर्व भाजपा नेता नवजोत सिंह सिद्धू और आम आदमी पार्टी (आप) के बीच सियासी खिचड़ी अभी तक पक नहीं सकी है। सिद्धू के साथ संबंधों पर आप बेहद संभलकर कदम उठा रही है।
पार्टी नेता सिद्धू की पीठ थपथपाने से आगे जाने को तैयार नहीं हैं। सूत्र बताते हैं कि आप के शीर्ष नेतृत्व और सिद्धू के बीच अभी सहमति नहीं बन पाई है। सोमवार को सिद्धू का बयान आने के बाद मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट कर भाजपा पर निशाना साधा।
वहीं, दिल्ली प्रदेश संयोजक दिलीप पांडेय ने एक बार फिर सिद्धू की तारीफ के कसीदे पढ़े। लेकिन पार्टी में सिद्धू के शामिल होने के सवालों को पांडेय ने टाल दिया। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट किया कि सिद्धू अगर पंजाब जाते तो ड्रग्स के बारे में बात करते लेकिन भाजपा ने उन्हें पंजाब जाने से रोक दिया। केजरीवाल ने सवाल किया कि हैरानी यह है कि भाजपा सिद्धू को रोककर किसको बचाने की कोशिश कर रही है?
नेतृत्व और सिद्धू के बीच अभी तक पक नहीं सकी है सियासी खिचड़ी
दूसरी तरफ दिल्ली प्रदेश संयोजक दिलीप पांडेय ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि सिद्धू के बयान से रोचक खुलासा किया है। भाजपा उन्हें पंजाब जाने से रोककर उनका मुंह बंद कराना चाहती थी।
अब सवाल यही है कि भाजपा ने किस नेता को बचाने के लिए सिद्धू को पंजाब से बाहर करने की शर्त लगाई? इस मौके पर पांडेय ने राज्यसभा से इस्तीफा देने पर सिद्धू की तारीफ की।
लेकिन उनके आप में शामिल होने के सवाल पर पांडेय ने कहा कि आने वाले दिनों में सिद्धू खुद अपना रास्ता चुनेंगे। उनकी रणनीति के बारे में हम लोग क्या बता सकते हैं।
राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि सिद्धू अगली पारी आप के संग खेलने जा रहे हैं। राज्यसभा से इस्तीफा देने के बाद कई आप नेताओं ने उनके पार्टी में आने का स्वागत भी किया था। लेकिन सूत्र बताते हैं कि हफ्ते भर बाद भी सिद्धू को लेकर आप में सहमति नहीं है।