सिब्बल बोले पांच साल में चुनाव हार जाएगी AAP
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सुप्रीम कोर्ट में चल रहे केस की सुनवाई के दौरान पूर्व केन्द्रीय मंत्री और वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने आम आदमी पार्टी पर सीधे तौर पर वार करते हुए कहा है कि जिस तरह लोगों को आधे दामों पर बिजली देने का वादा दिल्ली की सरकार ने किया है वह नामुमकिन है।
कपिल सिब्बल ने ये भी कहा कि रिलायंस की राजधानी पावर लिमिटेड जो कि उनकी क्लाइंट है उसे दिल्लीवालों के लिए सस्ती बिजली मुहैया करना संभव नहीं है। आपको बता दें कि रिलायंस की ये बिजली प्रदाता कंपनी उन तीन कंपनियों में से एक है जो दिल्ली के लिए बिजली सप्लाई का काम करती हैं।
कपिल सिब्बल ने सुनवाई के दौरान ये भी कहा कि हमारी राजनीतिक कार्यप्रणाली के लिए ये बहुत ही दुख की बात है कि वो(आप) अगले पांच साल में दिल्ली का चुनाव हार जाएंगे,क्योंकि वो गलत वादों को पूरा करने के लिए कोर्ट के जरिए व्यवस्थापिक पर दबाव बना रहे हैं।
टैरिफ के दाम बढ़े तो हम चुनाव हार गए
जे चिलमेश्वर की खंडपीठ के सामने BRPL और BSES यमुना पावर लिमिटेड BYPL बिजली टैरिफ को लेकर चल रही सुनवाई के दौरान सिब्बल ने अपना पक्ष रखा।
सिब्बल ने अपने तर्क में कहा कि डीईआरसी ने संसाधनों का खर्च निकालने के लिए टैरिफ लागू किया है। जब जस्टिस चिमलेश्वर ने कहा कि बढ़े हुए टैरिफ को स्वीकृत कर दिया गया था,तो चुनाव में क्या हुआ। सिब्बल बोले इसी वजह से हम(कांग्रेस)चुनाव हार गए। हम हार गए।
अगर राज्य सरकारें बिजली की कीमतों को सब्सिडाइज करना चाहती हैं तो इसके लिए कंपनियों को इसका दंड नहीं दिया जाना चाहिए। वहीं दूसरी ओर BYPL की तरफ से पी चिदंबरम कोर्ट में मौजूद थे।
हम खर्चे की भरपाई के लिए टैरिफ ले रहे हैं
सिब्बल ने ये भी कहा कि हमें अपने नुकसान की भरपाई के लिए टैरिफ ले रहे हैं और वो हमें इससे नहीं रोक सकते। कोयले और गैस की कीमतें बढ़ गई हैं लेकिन वो हमें इसके अनुपात में कीमतें बढ़ाने से रोक रहे हैं। हमें बिजली बनाने के लिए ऊर्जा देने वाली कंपनी एनटीपीसी हमसे बाजार की कीमतों पर बकाया वसूल करेंगी।
डीईआरसी ने अपना बचाव करते हुए स्पष्ट किया कि दिल्ली में जो बिजली प्रदान करने का जो ढांचा बना हुआ है उसमें तीन प्राइवेट कंपनी है जिसमें दो रिलायंस और एक टाडा समूह की है। वहीं आम आदमी पार्टी की तरफ से कहा गया है कि जब तक कंपनी का ऑडिट पूरा नहीं हो जाता तब तक टैरिफ नहीं बढ़ाया जा सकता है।