कॉल सेंटर मालिक से थाने में रिश्वत लेते एसएचओ व तीन पत्रकार गिरफ्तार, मुकदमे से नाम हटाने की थी डील
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कॉल सेंटर संचालक से मुकदमे से नाम हटवाने के लिए 8 लाख रुपये रिश्वत लेते कोतवाली सेक्टर-20 के प्रभारी निरीक्षक मनोज पंत व तीन पत्रकारों को गिरफ्तार किया गया है। मंगलवार रात को एसएसपी वैभव कृष्ण के नेतृत्व में ट्रैप ऑपरेशन में चारों की गिरफ्तारी कोतवाली सेक्टर-20 से हुई। इनके पास से 8 लाख रुपये, एक मर्सिडीज और एक पिस्टल की बरामदगी हुई है। बुधवार को सभी आरोपियों को मेरठ के भ्रष्टाचार निरोधक कोर्ट में पेश किया गया, जहां से सभी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। वहीं, इस मामले में कोतवाली सेक्टर-20 में तैनात सहायक एसएचओ इंस्पेक्टर जयवीर सिंह को भी निलंबित किया गया है।
एसएसपी वैभव कृष्ण ने बताया कि 27 जनवरी को कॉल सेंटर संचालक गाजियाबाद निवासी पुष्पेंद्र चौहान ने शिकायत की थी कि एसएचओ मनोज पंत व उनके तीन अन्य साथी कोतवाली सेक्टर-20 में पंजीकृत मुकदमे में से नाम हटवाने के लिए आठ लाख रुपये मांग रहे हैं। नवंबर में पुष्पेंद्र के कॉल सेंटर में पुलिस ने छापेमारी की थी। इसके बाद मुकदमा दर्ज हुआ था। इस शिकायत के बाद एसएसपी ने ट्रैप ऑपरेशन चलाया और एसपी सिटी व एसपी ग्रामीण के नेतृत्व में टीम का गठन किया।
इस ऑपरेशन के दौरान मंगलवार रात को कोतवाली सेक्टर-20 में छापेमारी की गई। एसएचओ के दफ्तर में आठ लाख रुपये का लेनदेन चल रहा था। वहां पर एसएचओ मनोज कुमार पंत, पत्रकार रमन ठाकुर, सुशील पंडित व उदित गोयल को गिरफ्तार कर लिया गया। वहीं, इस मामले में थाने में तैनात सहायक एसएचओ इंस्पेक्टर जयवीर सिंह की भूमिका संदिग्ध पाए जाने पर निलंबित कर दिया गया है। एसएसपी ने बताया कि मौके से बरामद मर्सिडीज का रजिस्ट्रेशन फर्जी है। आशंका जताई जा रही है कि यह चोरी या लूट की हो सकती है। भ्रष्टाचार के मामले में गिरफ्तार इंस्पेक्टर मनोज पंत करीब पांच महीने से कोतवाली सेक्टर-20 में तैनात थे।
इंस्पेक्टर समेत चारों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण, आईटी एक्ट, आर्म्स एक्ट, धोखाधड़ी की धाराओं में मुकदमा पंजीकृत किया गया है। इस मामले की जांच की जा रही है।
- वैभव कृष्ण, एसएसपी