जानिए, शीला दीक्षित के जीवन से जुड़े पांच विवाद
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दिल्ली की दूसरी महिला मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने आज केरल के राज्यपाल पद से इस्तीफा दे दिया। पिछले कुछ समय से उनका नाम लगातार सुर्खियों में रहा है। इसका असली कारण उनके पद के साथ जुड़े कुछ विवाद ही रहे हैं। आइए जानते हैं शीला दीक्षित के जीवन से जुड़े पांच बड़े विवाद...
(1) पिछले साल अक्टूबर में हुए दिल्ली विधानसभा के चुनाव में उनकी पार्टी को करारी हार मिली। हालांकि इससे पहले वह लगातार 15 साल तक इस दिल्ली की मुख्यमंत्री रहीं थीं। इस चुनाव में न सिर्फ कांग्रेस की बुरी तरह हार हुई बल्कि खुद शीला दीक्षित भी अपनी सीट आम आदमी पार्टी के अरविंद केजरीवाल से हार गईं।
(2) शीला दीक्षित पर सार्वजनिक फंड के दुरुपयोग का भी आरोप लग चुका है। विजेंद्र गुप्ता ने उनपर आरोप लगाया था कि 2008 के विधानसभा चुनाव से उन्होंने 22.56 करोड़ रुपये का उपयोग गलत ढंग से किया था। उन्होंने शीला दीक्षित के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की कोर्ट से अपील भी की थी। नीचली अदालत ने उनके खिलाफ केस दर्ज करने का आदेश भी दे दिया था।
दिल्ली में दर्ज होने वाली थी एफआईआर
(3) शीला दीक्षित पर सरकारी पैसे और सुविधाओं के दुरुपयोग का एक और मामला भी सुर्खियों में रहा था। एक आरटीआई के जरिए इस बात का खुलासा हुआ था कि शील दीक्षित के दिल्ली स्थित सरकारी आवास में उनकी सुविधा के लिए 31 एसी और 25 हीटर लगाए थे। फिलहाल इसी मकान में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह रहते हैं।
(4) कॉमनवेल्थ खेलों के दौरान स्ट्रीट लाइटों की खरीद में घोटाला सामने आया था जिसमें पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शीला दीक्षित के खिलाफ एफआईआर लिखने का आदेश दिया था। उन पर आरोप लगाया गया था कि जो लाइट पांच हजार में मिल सकती थी उसे 27 हजार में खरीद कर सरकारी खजाने को भारी नुकसान पहुंचाया गया था।
(5) पिछले वर्ष हुए दिल्ली विधान सभा में करारी हार मिलने के बाद तुरंत ही शीला दीक्षित को केरल का राज्यपाल बना दिया गया। जबकि सामान्य तौर पर सक्रिय राजनीति में रहने वाले किसी राजनेता को इस तरह राज्यपाल बनाने की परंपरा को उचित नहीं माना जाता।