फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   sheila dixit questions on court decision

शीला दीक्षित ने कोर्ट के फैसले पर उठाया सवाल

Wed, 09 Jul 2014 10:22 PM IST
Updated Wed, 09 Jul 2014 10:22 PM IST
विज्ञापन
sheila dixit questions on court decision

दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने चुनावों में सरकारी धन का दुरुपयोग मामले में स्वयं के खिलाफ मुकदमा चलाने के फैसले पर सवाल उठाया है।

विज्ञापन


उन्होंने ट्रायल कोर्ट द्वारा उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने के फैसले को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट को बताया कि राज्यपाल के खिलाफ इस प्रकार का मुकदमा नहीं चलाया जा सकता।
विज्ञापन


न्यायमूर्ति सुनील गौड़ के समक्ष पेश दीक्षित के अधिवक्ता महमूद प्राचा ने कहा कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद की धारा 361(2) के अनुसार राष्ट्रपति व राज्यपाल के खिलाफ उनके कार्यकाल में कोई भी आपराधिक मुकदमा नहीं चलाया जा सकता।
विज्ञापन
विज्ञापन

कहां खर्च किए 22.56 करोड़ रुपए?

sheila dixit questions on court decision

प्राचा ने कहा कि शीला दीक्षित वर्तमान में केरल की राज्यपाल है और इस आधार पर उन पर मुकदमा नहीं चलाया जा सकता। अदालत ने शिकायतकर्ता भाजपा नेता विजेन्द्र गुप्ता के पेश न होने के आधार पर सुनवाई 23 जुलाई तय कर दी।

गौरतलब है कि तीस हजारी स्थित विशेष जज नरोत्तम कौशल ने भाजपा नेता विजेन्द्र गुप्ता की शिकायत के आधार पर 31 अगस्त 2013 को दिए अपने फैसले में पुलिस को दीक्षित व अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का निर्देश दिया था।

अदालत ने कहा था कि सभी तथ्यों व साक्ष्यों को देखने से स्पष्ट है कि मुख्यमंत्री व विज्ञापन विभाग के अधिकारियों ने चुनावों के दौरान विज्ञापन के नाम पर सरकारी धन का दुरुपयोग किया। उन्होंने कहा लोकायुक्त के फैसले में भी स्पष्ट है कि कुल 22.56 करोड़ रुपये का दुरुपयोग किया गया।

सरकार नहीं करेगी किसी का बचाव

sheila dixit questions on court decision

उन्होंने फैसले में कहा था कि प्रथम दृष्टया मुख्यमंत्री व अन्य अधिकारियों के खिलाफ भारतीय दंड सहिंता की धारा 120बी, 420 व 409 के तहत आपराधिक षडयंत्र, धोखाधड़ी व अमानत में ख्यानत व भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज करने के साक्ष्य है। उन्होंने पुलिस को निर्देश दिया कि इन सभी के खिलाफ उक्त धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जाए।

इस निर्णय के खिलाफ शीला दीक्षित की अपेक्षा दिल्ली सरकार हाईकोर्ट में अपील में चली गई थी। अभी फैसला आना था कि राजधानी में सरकार बदल गई।

इसके बाद बनी आप सरकार ने हाईकोर्ट में दीक्षित के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के फैसले के खिलाफ दायर अपील वापस लेने के लिए आवेदन दायर कर दिया। सरकार के अधिवक्ता ने तर्क रखा कि सरकार ने निर्णय किया है कि भ्रष्टाचार के किसी भी मामले में आरोपी व्यक्ति का बचाव नहीं किया जाएगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed