शांति भूषण ने कहा, 'नहीं मिलेंगे किरण बेदी से'
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
किरण बेदी पर आम आदमी पार्टी की ओर से हमला जारी है। एक दिन पहले तक किरण बेदी को केजरीवाल से बेहतर मानने वाले शांति भूषण ने किरण्ा बेदी से मिलने से इनकार कर दिया है।
सूत्रों की मानें तो किरण बेदी ने उनकी प्रशंसा के बाद शांति भूषण से मिलने की इच्छा जताई थी। हालांकि, शांति भूषण ने इस बारे में कहा कि उनके पास मिलने का कोई प्रस्ताव नहीं आया है।
आप नेता शांति भूषण ने यह भी कहा कि किरण बेदी और वह, दोनों ही दूसरी पार्टी में हैं और उन्हें आपस में क्यों मिलना चाहिए? शांति भूषण ने तो किरण बेदी को यह सलाह भी दी कि उन्हें अपने प्रचार अभियान पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।
कौन हैं शांति भूषण
बता दें कि शांति भूषण आम आदमी पार्टी के संस्थापक सदस्यों में हैं और वह दो बार पार्टी को एक करोड़ का चंदा भी दे चुके हैं। देश के नामी वकीलों में शुमार शांति भूषण मोरारजी देसाई सरकार में कानून मंत्री भी रह चुके हैं।
इंदिरा गांधी की लोकसभी सदस्यता को लेकर उठे विवाद में उन्होंने राजमोहन के पक्ष में केस लड़ा था और जीते थे जिसके बाद देश में उन्हें लोकप्रियता मिली थी।
हालांकि किरण बेदी पर हमला करने का क्रम आप नेताओं कें द्वारा लगातार जारी है। बेदी के भाजपा में शामिल होने वाले दिन ही उन्हें जयचंद की उपमा देने वाले कुमार विश्वास ने एक बार फिर किरण बेदी पर हमला किया है।
'पहले ही पता था राजनीति में आएंगी बेदी'
कुमार विश्वास ने एक टीवी चैनल से बात करते हुए कहा कि उन्हें पहले से ही पता था कि किरण बेदी राजनीति में आएंगी और भारतीय जनता पार्टी में शामिल होंगी।
उधर आप नेता सोमनाथ भारती ने कहा कि भाजपा में अच्छा पद चाहने वाले आम आदमी पार्टी में काम कर सकते हैं और फिर भाजपा में शामिल हो जाते हैं। यह दुखद ही भाजपा जैसी पार्टी के पास उनका अपना कोई नेता नहीं है।
सोमनाथ भारती ने एक न्यूज एजेंसी से बात करते हुए सवाल किया कि आखिर उन बयानों के बारे में किरण बेदी का क्या कहना है जो उन्होंने भाजपा के खिलाफ दिए थे?