{"_id":"57b30ddc4f1c1b67766eb848","slug":"shamshan-ghat-road-in-gurgaon-is-in-trouble","type":"story","status":"publish","title_hn":"अतिक्रमण की चपेट में शमशान घाट सड़क, अवैध खड़े ट्रैक्टर-ट्राली व वाहन चालकों ने किया कब्जा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अतिक्रमण की चपेट में शमशान घाट सड़क, अवैध खड़े ट्रैक्टर-ट्राली व वाहन चालकों ने किया कब्जा
ब्यूरो/अमर उजाला, गुड़गांव
Updated Wed, 17 Aug 2016 10:17 AM IST
विज्ञापन
shamshan ghat
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कस्बा तावड़ू में बढ़ते अतिक्र्तमण से कस्बेवासी परेशान है। लखपत चौक से पचगांव गोलचक्कर तक जाने वाली सड़क पर दुकानदारों व ट्रेक्टर ट्राली चालकों ने अवैध तौर पर अपने वाहन खड़ा कर पूरी सड़क पर अतिक्रमण किया हुआ है। नपा प्रशासन के ढुलमुल रवैये के कारण इनके हौसले बुलंद होते जा रहे हैं। कस्बेवासियों ने प्रशासन से अतिक्रमण से निजात दिलाने की फरियाद की है।
विज्ञापन
काबिलेगौर है की पचगांवा चौक से लखपत चौक तक जाने वाली सड़क पर शमशान घाट, ओबीसी बैकं, खंड़ शिक्षा कार्यालय, बीएड कालेज ,वरिष्ट माध्यमिक विद्यालय सहित दमकल व लोक निर्माण कार्यालय लगते है। इस सड़क से हर रोज सैंकड़ो लोगों का आवागमन रहता है।
विज्ञापन
अवैध रूप से खड़े होने वाले ट्रेक्टर ट्राली चालकों व सड़क के साथ भवन निर्माण सप्लाई का काम करने वाले दुकानदारों ने ईंट, डेस्ट व जमना आदि भवन निर्माण सामग्री डालकर सड़क फुटपाथ पर भारी मात्रा में अतिक्रमण किया गया है।
विज्ञापन
अतिक्रमण के चलते सड़क संकरी हो गई है। पैदल राहगीर मजबूर होकर सड़क पर चलने के लिए मजबूर है। कुछ दुकानों का सामान सड़क तक फैला हुआ है तो कहीं भवन निर्माण मटेरियल फैला होने से दुर्घटना का हमेशा भय बना रहता है। इस समस्या के चलते सड़क से निकलने वाले निजि वाहन चालकों को निकलने में भी भारी जहमत का सामना करना पड़ रहा है।
वहीं स्कूल व कॉलेज आने वाले छात्र छात्राओं को भी भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। कई बार तो अवैध रूप से खड़े होने वाले वाहनों की आड़ में कुछ शरातीतत्व छात्राओं पर फब्तियां कसने से भी नहीं चुकते है। नपा प्रशासन की अनदेखी का फायदा उठाकर कई लोगों ने यहां अस्थाई दुकानें भी लगा ली है। जबकि जिम्मेदार नगर पालिका प्रशासन व पुलिस हमेशा की तरह कार्रवाई करने की बात कहकर मामले को टाल देते हैं। इसका खामियाजा राहगीरों व कस्बेवासियों को भुगतना पड़ रहा है।