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...और गुड़गांव ही नहीं शर्मसार हो गया पूरा हरियाणा

Sat, 15 Feb 2014 09:51 PM IST
यशलोक सिंह/ अमर उजाला, गुड़गांव
यशलोक सिंह/ अमर उजाला, गुड़गांव Updated Sat, 15 Feb 2014 09:51 PM IST
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shame, two arrested with portable ultrasound machine in gurgaon

हरियाणा खेल, उद्योग, आधुनिकता और विकास में भले ही नंबर वन होने का दावा करता हो पर एक मामले में उसका सिर शर्म से झुक जाता है। वह है लिंगानुपात। देश के 35 राज्यों-केंद्र शासित प्रदेशों की सूची में इस मसले पर हरियाणा 31वें पायदान पर है।

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वहीं, साइबर सिटी का तो और भी बुरा हाल है। इस क्षेत्र में पिछड़े मेवात ने भी गुड़गांव को शर्मसार कर दिया है। अब जबकि पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीनों के अवैध कारोबार का खुलासा हुआ है तो इस गिरावट को उससे जोड़कर देखा जा रहा है।
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कन्या भ्रूण हत्या में इनके इस्तेमाल से इनकार नहीं किया जा रहा है। पुलिस की जांच में जो बात सामने आई हैं , उसमें पता चला है कि पोर्टेबल मशीनों का ट्रेंड वर्ष 2009 से हरियाणा में शुरू हुआ है।
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नेशनल रूरल हेल्थ मिशन के निदेशक राकेश गुप्ता ने बताया कि हरियाणा में कन्या भ्रूण हत्या का आलम यह है कि प्रति वर्ष 37 हजार लड़कियां गायब (गर्भ में कत्ल) हो रही हैं। वहीं देश में प्रति वर्ष का यह आंकड़ा नौ लाख का है। देश में लड़कियों के गायब होने का प्रतिशत 2.2 है।

वहीं, हरियाणा में यह प्रतिशत 4.00 है। जो कि विकट स्थिति है। हरियाणा में सबसे अधिक लिंगानुपात जनवरी 2013 से नवंबर 2013 तक सबसे अधिक पंचकूला का रहा। यहां प्रति हजार लड़कों पर 921 लड़कियां हैं। दूसरे स्थान पर मेवात रहा। यहां लड़कियों की संख्या प्रति हजार लड़कों पर 914 है। तीसरा स्थान अंबाला का है। यहां लड़कियां लड़कों के मुकाबले 909 हैं। चौथे नंबर पर यमुनानगर है। यहां यह रेशियो 892 है। पांचवां स्थान पलवल का है, यहां 891 है।

एनआरएचएम के निदेशक ने किया खुलासा
हरियाणा में मातृ-शिशु मृत्युदर घटाने का अभियान चल रहा है। इसमें पता चला कि झोलाछाप डॉक्टर और दाई अवैध रूप से कन्या भ्रूण का गर्भपात करा रहे हैं। इस बात का खुलासा राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन (एनआरएचएम) के निदेशक डॉ. राकेश गुप्ता ने शनिवार को किया। उन्होंने बताया कि अकेले बहादुरगढ़ में झोलाछाप डाक्टर भगत सिंह और दाई मंजूबाला के क्लीनिक से 500 महिलाओं के अवैध गर्भपात करने का रिकॉर्ड मिला।

उनके खिलाफ पीएनडीटी एक्ट के तहत बहादुरगढ़ में मुकदमा दर्ज करवाया गया। इसी प्रकार, झज्जर में दो, फरीदाबाद में दो, दिल्ली में एक व रोहतक में एक चिकित्सक के खिलाफ मामले दर्ज करवाए गए हैं। जबकि, एक जनवरी से अब तक प्रदेश में पीसीपीएनडीटी एक्ट के तहत 23 और अवैध रूप से गर्भपात करने के 47 मामले दर्ज किए गए हैं। इनमें लगभग 100 आरोपियों को गिरफ्तार भी किया गया है। शनिवार को ही अंबाला में भी अवैध रूप से दो अल्ट्रासाउंड मशीन बेचने वालों पर रेड करके पुलिस में मामला दर्ज किया है।

ऐसे कराते हैं गर्भपात
डॉ. राकेश गुप्ता ने बताया कि पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीनों और अवैध गर्भपात सेंटर इस काम को अंजाम दे रहे हैं। उनकी मॉडस ऑफ ऑपरेंडी (काम को अंजाम देने का तरीका) काफी अलग है। वह गर्भवती महिलाओं को सेक्स सेलेक्शन ड्रग्स देते है। इसमें वह माजूफल और शिवलिंगी का इस्तेमाल करते हैं। यह एक मेल हार्मोंस हैं। जांच में जब पता चलता है कि लड़की है तो वह उसके गर्भताप का ऑफर दे देते हैं। वहीं अगर हार्मोंस लेेने के बाद लड़की पैदा होती है तो भी उसमें कुछ गुण लड़कों वाले आ जाते हैं।


हेल्पनाइन नंबर
एनआरएचएम निदेशक डॉ. राकेश गुप्ता लोगों से अपील की है कि अगर उन्हें अवैध रूप से अल्ट्रासाउंड की जानकारी मिलती है तो उसे वह छिपाएं नहीं। कोई भी सूचना एसएमएस के माध्यम से मोबाइल नंबर 08288033370 पर दे सकता है। यह हेल्पलाइन 24 घंटे चालू रहेगी। इसके अलावा कार्यदिवसों पर कोई भी 08288014141 सूचना दे सकता है।

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