शकूरबस्ती झुग्गी के मामले में रेलवे ने मानी गलती
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शकूरबस्ती सीमेंट साइट पर झुग्गी तोड़ने के मामले में रेलवे ने हाईकोर्ट के सामने अपनी गलती मानी है। रेलवे की ओर से कहा गया है कि मामले में कार्रवाई गलत समय पर की गई।
गौरतलब है कि शकूरबस्ती सीमेंट साइट पर बनी करीब 500 झुग्गियों को रेलवे ने शनिवार रात को तोड़ दिया था। इस दौरान ठंड में लोगों के बेघर होने पर आप सरकार ने जमकर हंगामा किया था। जबकि कथित तौर पर एक बच्ची की मौत भी हुई थी।
इस पर दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने दो एसडीएम को सस्पेंड भी किया था। जबकि दिल्ली सरकार और केंद्र सरकार के बीच भी मामले को लेकर बड़ा विवाद सामने आया था। लेकिन अब हाईकोर्ट में रेलवे ने अपनी गलती मानी है।
रेल मंत्री को संसद में देना पड़ा था जवाब
इतना ही नहीं मामले पर केंद्रीय रेल मंत्री सुरेश प्रभु को भी संसद में जवाब देना पड़ा था। वहीं दूसरी ओर हाईकोर्ट ने मामले पर स्वत: संज्ञान लिया था।
सियासत तेज होने पर रेल मंत्री सुरेश प्रभू ने अरविंद केजरीवाल से मुलाकात के बाद कहा था कि अब रेलवे बिना पुर्नवास झुग्गी बस्तियों को नहीं तोड़ेगा और रेलवे भी जहां झुग्गी वहां मकान की नीति पर काम करेगा।
इससे पहले सुरेश प्रभु ने संसद में बयान दिया था कि झुग्गियां हटाने की कार्रवाई से पहले ही बच्ची की मौत हो चुकी थी। लगातार कई बार झुग्गियों को हटाने का नोटिस दिया गया लेकिन लोग वहां से हटे नहीं।