खुले आसमान में एक बच्ची ने तोड़ा दम, दूसरी जन्मी
शकूरबस्ती में जहां से झुग्गी हटाई गई वहीं बेघर हुई एक महिला ने खुले आकाश में एक बच्ची ने जन्म लिया। बच्ची को जन्म देने वाली मां मूल रूप से झांसी की रहने वाली है।
शकूरबस्ती स्थित जिस झुग्गी में एक बच्ची की मौत हो गई तो वहीं रविवार की रात ही एक बच्ची ने किलकारी भरी। खुले आकाश में पैदा हुई बच्ची व उसकी मां को अन्य झुग्गी वालों ने स्थानीय अस्पताल वर्द्धमान महावीर अस्पताल में भर्ती कराया।
इसमें आम आदमी पार्टी के झुग्गी सेल ने काफी मदद की। अस्पताल में जच्चा और बच्चा दोनों स्वस्थ है।
माता-पिता झांसी के हैं
नवजात शिशु के माता-पिता मूल रूप से झांसी के रहने वाले है। मां का नाम
मनीषा है और पिता का नाम मोहन है। दोनों रोजगार की तालाश में दिल्ली आए थे
और शकूर बस्ती स्थित झुग्गी में ही उन्होंने आशियाना बना लिया था।
आम आदमी
पार्टी के झुग्गी सेल के अध्यक्ष उमेश वर्मा का कहना है कि रेलवे के झुग्गी
हटाओ अभियान के कारण नवजात शिशु का आशियाना उजड़ गया।
ठंड के दिनों में
बच्ची की माता ने खुले आसमान में जन्म दिया। स्थानीय लोगों का कहना था कि
ठंड के दिनों में अतिक्रमण हटाने की मुहिम नहीं होनी चाहिए।