{"_id":"5c24baa6bdec2256b86d6ed8","slug":"shakib-father-says-my-son-is-innocent","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"शाकिब की गिरफ्तारी के बाद सामने आए पिता, बेटे को लेकर किया चौंकाने वाला खुलासा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शाकिब की गिरफ्तारी के बाद सामने आए पिता, बेटे को लेकर किया चौंकाने वाला खुलासा
Thu, 27 Dec 2018 05:12 PM IST
शाहरुख खान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बुलंदशहर/गढ़मुक्तेश्वर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बुलंदशहर/गढ़मुक्तेश्वर
Published by: शाहरुख खान
Updated Thu, 27 Dec 2018 05:12 PM IST
विज्ञापन
जानकारी देते ग्रामीण
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
राष्ट्रविरोधी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप में हापुड़ से पकड़े गए इमाम के पिता भी बुलंदशहर के एक मदरसे में कारी हैं। उन्होंने अपने बेटे को निर्दोष बताते हुए उसे फंसाए जाने की बात कही है।
बुधवार को एनआइए, एटीएस और दिल्ली पुलिस की टीम ने वैट गांव निवासी इमाम मुफ्ती शाकिब को देशविरोधी गतिविधियों में शामिल समूह से जुड़े होने के शक में गिरफ्तार कर दिल्ली ले गई।
पकड़े गए शाकिब के वालिद मोहम्मद इफ्तिखार नगर के फैसलाबाद स्थित रफीदिया मदरसा में करीब 25 साल से (कारी) बच्चों को तालीम देते हैं। मोहम्मद इफ्तिखार ने बताया कि उनका बेटा निर्दोष है। उसे फंसाया जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
बुधवार को एनआइए, एटीएस और दिल्ली पुलिस की टीम ने वैट गांव निवासी इमाम मुफ्ती शाकिब को देशविरोधी गतिविधियों में शामिल समूह से जुड़े होने के शक में गिरफ्तार कर दिल्ली ले गई।
विज्ञापन
पकड़े गए शाकिब के वालिद मोहम्मद इफ्तिखार नगर के फैसलाबाद स्थित रफीदिया मदरसा में करीब 25 साल से (कारी) बच्चों को तालीम देते हैं। मोहम्मद इफ्तिखार ने बताया कि उनका बेटा निर्दोष है। उसे फंसाया जा रहा है।
विज्ञापन
मिलनसार था इमाम, नहीं था किसी को शक
एनआईए और एटीएस की कार्रवाई से ग्रामीण सकते में हैं। इनका कहना है कि इमाम काफी मिलनसार स्वभाव का था। वह सबके साथ घुल मिलकर रहता था। ग्रामीण उसे निर्दोष बता रहे हैं।
ग्राम प्रधान हज्जन शमीम बेगम के पति छोटे खां का कहना है कि साकिब का जन्म गांव में ही हुआ था, जो अब भी परिवार के साथ गांव में ही रहता है। उसका स्वभाव ग्रामीणों के प्रति काफी मिलनसार रहा है। अगर जांच पड़ताल में वह निर्दोष पाया जाए तो उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होनी चाहिए।
बीडीसी हबीब चौधरी कहना है कि एनआईए और एटीएस की कार्रवाई से समूचा गांव सकते में आ गया है, क्योंकि इमाम साकिब गांव की चुनावी पार्टीबंदी से भी पूरी तरह दूर रहता था। उसके बारे में किसी ने ऐसा नहीं सोचा।
बक्सर की जामा मस्जिद के पड़ोस में क्लीनिक चलाने वाले डॉ. सलीम का कहना है कि साकिब करीब तीन माह से मस्जिद में इमामत कर रहा था, जिसका हर किसी से काफी अच्छा व्यवहार था। आतंकी संगठन से उसका नाम जुड़ने से मस्जिद में नमाज अता करने जा रहे सभी लोग सकते में आ गए।
ग्राम प्रधान हज्जन शमीम बेगम के पति छोटे खां का कहना है कि साकिब का जन्म गांव में ही हुआ था, जो अब भी परिवार के साथ गांव में ही रहता है। उसका स्वभाव ग्रामीणों के प्रति काफी मिलनसार रहा है। अगर जांच पड़ताल में वह निर्दोष पाया जाए तो उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होनी चाहिए।
बीडीसी हबीब चौधरी कहना है कि एनआईए और एटीएस की कार्रवाई से समूचा गांव सकते में आ गया है, क्योंकि इमाम साकिब गांव की चुनावी पार्टीबंदी से भी पूरी तरह दूर रहता था। उसके बारे में किसी ने ऐसा नहीं सोचा।
बक्सर की जामा मस्जिद के पड़ोस में क्लीनिक चलाने वाले डॉ. सलीम का कहना है कि साकिब करीब तीन माह से मस्जिद में इमामत कर रहा था, जिसका हर किसी से काफी अच्छा व्यवहार था। आतंकी संगठन से उसका नाम जुड़ने से मस्जिद में नमाज अता करने जा रहे सभी लोग सकते में आ गए।