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शाहीन बाग: प्रदर्शनकारी बोले- अनुमति मिलने के बाद वे शाह के आवास के लिए मार्च करेंगे
Sun, 16 Feb 2020 07:52 PM IST
अवधेश कुमार
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: अवधेश कुमार
Updated Sun, 16 Feb 2020 07:52 PM IST
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वापस लौटे शाहीन बाग के प्रदर्शनकारी
- फोटो : अमर उजाला
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शाहीन बाग के प्रदर्शनकारियों की रविवार को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात नहीं हो पाई। गृहमंत्री से मुलाकात की अनुमति न मिल पाने की वजह से दादियों की अगुवाई में निकला प्रतिनिधि मंडल पुलिस से बातचीत कर बैरंग ही वापस लौट गया। दरअस्ल अमित शाह ने शाहीन बाग के प्रदर्शनकारियों से मिलने की इच्छा जताई थी। जिसके बाद शाहीन बाग से शनिवार को घोषणा की गई कि प्रदर्शनकारी मार्च करते हुए गृहमंत्री के घर जाएंगे। इसके लिए इन लोगों ने पुलिस को पत्र लिखकर अनुमति भी मांगी थी।
दक्षिण-पूर्व जिला पुलिस उपायुक्त आर.पी मीणा ने बताया कि प्रदर्शनकारियों की ओर से अनुमति मांगी गई थी, जिसे पुलिस मुख्यालय भेज दिया गया था। मुलाकात की अनुमति न मिल पाने की बात प्रतिनिधि मंडल को बता दी गई। जिसके बाद यह शांतिपूर्वक धरना स्थल पर वापस लौट गए।
शाहीन बाग में शनिवार को गृहमंत्री के घर मार्च के आह्वान पर रविवार दोपहर को हजारों लोगों की भीड़ धरना स्थल पर जुट गई। पुलिस ने भी मार्च को शाहीन बाग से आगे न जाने देने के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे। लोकल पुलिस के अलावा अर्धसैनिक बलों की कई कंपनियों को शाहीन बाग में तैनात किया गया था। कई लेयर में बैरिकेटिंग की गई। महिलाएं हाथ में बैनर और तिरंगा लेकर मार्च के लिए तैयार भी हो गईं।
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इस बीच ऐन मौके पर प्रदर्शनकारियों ने रणनीति में बदलाव कर एलान किया कि यदि पुलिस ने अनुमति दी तो गृहमंत्री के घर मार्च न निकालकर दादियों की अगुवाई में एक प्रतिनिधि मंडल गृहमंत्री से मुलाकात करने जाएगा। सभी ने इस पर सहमति जताई। मार्च में शामिल महिलाओं को धरना स्थल पर ही रोक दिया गया। दोपहर दो बजे मीडिया की मौजूदगी में आठ-दस महिलाएं दादियों के साथ पुलिस बैरिकेड की ओर बढ़ी।
वहां मौजूद दक्षिण-पूर्व जिला पुलिस उपायुक्त आर.पी मीणा, अतिरिक्त उपायुक्त कुमार ज्ञानेश व अन्य अधिकारियों ने प्रतिनिधि मंडल से बातचीत की। दादियों ने पुलिस को दिए गए अनुमति पत्र के बारे में पूछा तो अधिकारियों ने बताया कि अभी फिलहाल मुलाकात की अनुमति नहीं मिली है। जब अनुमति मिल जाएगी तो वह उनको सूचना देंगे। करीब दस मिनट बातचीत करने के बाद दादियों का प्रतिनिधि मंडल वापस धरना स्थल पर लौट गया।
दोपहर होते-होते धरना स्थल पर लोगों की भीड़ भी बढ़ गई। दादी बिलकीस ने बताया कि वह किसी भी तरह की हिंसा के खिलाफ हैं, लगातार धरना-प्रदर्शन में शांति बनाए रखने की अपील की जाती है। वह बस गृहमंत्री से मिलकर अपनी बात रखना चाहती थीं। आगे वह दोबारा गृहमंत्री या प्रधानमंत्री से मिलने का प्रयास करेंगे।
मार्च निकालने से पूर्व एंबुलेंस को दी गई जगह...
दोपहर के करीब 1.50 बजे शाहीन बाग में प्रदर्शन स्थल पर सरिता विहार की ओर से एक एंबुलेंस आती हुई दिखाई दी। प्रदर्शनकारियों ने सड़क को पूरी तरह बंद कर रस्सी बांधी हुई थी। जैसे इन लोगों ने एंबुलेंस को आते हुए देखा अचानक शोर मचाकर रास्ता दो, रास्ता दो की बात होने लगी। आनन-फानन में बंधी हुई रस्सी को खोलकर भीड़ के बीच से ही एंबुलेंस को नोएडा की ओर रास्ता दिया गया। बिना रुके ही एंबुलेंस प्रदर्शन स्थल से निकाल दी गई।
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दक्षिण-पूर्व जिला पुलिस उपायुक्त आर.पी मीणा ने बताया कि प्रदर्शनकारियों की ओर से अनुमति मांगी गई थी, जिसे पुलिस मुख्यालय भेज दिया गया था। मुलाकात की अनुमति न मिल पाने की बात प्रतिनिधि मंडल को बता दी गई। जिसके बाद यह शांतिपूर्वक धरना स्थल पर वापस लौट गए।
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शाहीन बाग में शनिवार को गृहमंत्री के घर मार्च के आह्वान पर रविवार दोपहर को हजारों लोगों की भीड़ धरना स्थल पर जुट गई। पुलिस ने भी मार्च को शाहीन बाग से आगे न जाने देने के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे। लोकल पुलिस के अलावा अर्धसैनिक बलों की कई कंपनियों को शाहीन बाग में तैनात किया गया था। कई लेयर में बैरिकेटिंग की गई। महिलाएं हाथ में बैनर और तिरंगा लेकर मार्च के लिए तैयार भी हो गईं।
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इस बीच ऐन मौके पर प्रदर्शनकारियों ने रणनीति में बदलाव कर एलान किया कि यदि पुलिस ने अनुमति दी तो गृहमंत्री के घर मार्च न निकालकर दादियों की अगुवाई में एक प्रतिनिधि मंडल गृहमंत्री से मुलाकात करने जाएगा। सभी ने इस पर सहमति जताई। मार्च में शामिल महिलाओं को धरना स्थल पर ही रोक दिया गया। दोपहर दो बजे मीडिया की मौजूदगी में आठ-दस महिलाएं दादियों के साथ पुलिस बैरिकेड की ओर बढ़ी।
वहां मौजूद दक्षिण-पूर्व जिला पुलिस उपायुक्त आर.पी मीणा, अतिरिक्त उपायुक्त कुमार ज्ञानेश व अन्य अधिकारियों ने प्रतिनिधि मंडल से बातचीत की। दादियों ने पुलिस को दिए गए अनुमति पत्र के बारे में पूछा तो अधिकारियों ने बताया कि अभी फिलहाल मुलाकात की अनुमति नहीं मिली है। जब अनुमति मिल जाएगी तो वह उनको सूचना देंगे। करीब दस मिनट बातचीत करने के बाद दादियों का प्रतिनिधि मंडल वापस धरना स्थल पर लौट गया।
दोपहर होते-होते धरना स्थल पर लोगों की भीड़ भी बढ़ गई। दादी बिलकीस ने बताया कि वह किसी भी तरह की हिंसा के खिलाफ हैं, लगातार धरना-प्रदर्शन में शांति बनाए रखने की अपील की जाती है। वह बस गृहमंत्री से मिलकर अपनी बात रखना चाहती थीं। आगे वह दोबारा गृहमंत्री या प्रधानमंत्री से मिलने का प्रयास करेंगे।
मार्च निकालने से पूर्व एंबुलेंस को दी गई जगह...
दोपहर के करीब 1.50 बजे शाहीन बाग में प्रदर्शन स्थल पर सरिता विहार की ओर से एक एंबुलेंस आती हुई दिखाई दी। प्रदर्शनकारियों ने सड़क को पूरी तरह बंद कर रस्सी बांधी हुई थी। जैसे इन लोगों ने एंबुलेंस को आते हुए देखा अचानक शोर मचाकर रास्ता दो, रास्ता दो की बात होने लगी। आनन-फानन में बंधी हुई रस्सी को खोलकर भीड़ के बीच से ही एंबुलेंस को नोएडा की ओर रास्ता दिया गया। बिना रुके ही एंबुलेंस प्रदर्शन स्थल से निकाल दी गई।