शाहीन बाग : पुलिस पर लगाया रास्तों को बंद करने का आरोप
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प्रदर्शनकारियों से वार्ता के लिए सुप्रीम कोर्ट की ओर से नियुक्त तीसरे वार्ताकर पूर्व मुख्य सूचना आयुक्त वजाहत हबीबुल्लाह बुधवार शाम 5:25 बजे शाहीन बाग पहुंच गए। तब तक दोनों वार्ताकार लौट चुके थे। उनके साथ एक और वरिष्ठ अधिवक्ता तस्लीमा भी थीं। हबीबुल्लाह ने महिलाओं के साथ बाकी लोगों से बातचीत की। इस दौरान लोगों ने दावा किया कि वैकल्पिक मार्गों को पुलिस ने जबरन बंद किया हुआ है। फिलहाल स्कूल वैन, एंबुलेंस और अन्य जरूरी वाहनों को इसी रोड से रास्ता दिया जा रहा है। वैकल्पिक मार्गों को खोलकर राहत मिल सकती है।
वजाहत हबीबुल्लाह और तस्लीमा ने पहुंचते ही प्रदर्शनकारियों से बातचीत शुरू कर दी। कुछ प्रदर्शनकारियों ने उन्हें वे वैकल्पिक रास्ते भी दिखाए, जिनको खोलकर बंद रोड से प्रभावित यातायात को राहत मिल सकती है। उन्होंने दावा किया कि आगरा नहर के किनारे, सरिता विहार वाली सड़क को पुलिस ने बंद किया हुआ है। इसके अलावा, कालिंदी कुंज से अबुल फजल होते हुए जामिया जाने वाली सड़क को भी पुलिस ने बंद किया हुआ है। इन सड़कों को खोल दिया जाए तो बहुत राहत मिलेगी। इसके बाद हबीबुल्लाह ने वैकल्पिक मार्गों का नक्शा मांगा है। दोबारा आने की बात कहकर वे शाम करीब 6:45 बजे वहां से चले गए।
बातचीत के दौरान निकलीं कई एंबुलेंस
संजय हेगड़े और साधना रामचंद्रन मंच पर जब महिलाओं व अन्य लोगों से बातचीत कर रहे थे, उसी दौरान बंद पड़ी सड़क पर एंबुलेंस निकली। लोगों ने आनन-फानन में बिना रोके ही सरिता विहार की ओर आ रही एंबुलेंस को नोएडा की ओर निकाल दिया। दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजे के बीच तीन एंबुलेंस निकलीं। लोगों ने इशारा करके वार्ताकारों को यह बात बताई। वार्ताकारों के जाने के बाद लोगों ने कहा कि सरकार तो उनकी बात सुन नहीं रही। उन्हें यकीन है कि सुप्रीम कोर्ट उनकी बात जरूर सुनेगा।