शाहीन बाग: फायरिंग की घटनाओं के बाद भी नहीं जागी दिल्ली पुलिस, जांच के लिए लगे मेटल डिटेक्टर बंद
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शाहीन बाग में बीते तीन दिनों में हुई फायरिंग की घटनाओं के बाद भी पुलिस महकमा चेता नहीं है। शाहीन बाग से कालिंदी कुंज वाले रास्ते पर दो मेटल डिटेक्टर लगाए गए है, पर काम नहीं करने की वजह से इसका इस्तेमाल नहीं हो रहा है। जबकि जांच के लिए बैरिकेड पर सुरक्षा बल भी तैनात है, मगर सभी एक किनारे खड़े नजर आए।
वहीं प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पुलिस जानबूझकर जांच में ढिलाई बरत रही है। अगर उन्हें प्रदर्शन में आने-जाने वालों की जांच ही नहीं करनी तो मेटल डिटेक्टर दिखावे के लिए लगाने की क्या जरूरत थी।
शाहीन बाग में माहौल बिगड़ने से रोकने के लिए दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन में शामिल होने आने वालों की जांच के लिए सोमवार सुबह मेटल डिटेक्टर लगा दिया है। मगर जांच के लगे मेटल डिटेक्टर महज शोपीस बनकर खड़े हैं।
मेटल डिटेक्टर बंद पड़े होने से कोई भी शख्स उससे निकल कर नहीं जा रहा था। जांच के लिए खड़ी पुलिस भी इधर-उधर टहलती हुई नजर आई। सुरक्षा में तैनात केंद्रीय बल भी बैरिकेड के एक किनारे खड़ी नजर आई।
प्रदर्शनकारी इकबाल अंसारी का कहना है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन का माहौल खराब करने का लगातार प्रयास किया जा रहा है, लेकिन पुलिस किसी भी आने-जाने वालों की जांच तक नहीं कर रही है। प्रदर्शनकारी महिला आलिया ने बताया कि मंच के पास बंदूक लेकर आने की घटनाएं कई बार हो चुकी हैं। ऐसी हालात में कभी भी भगदड़ मच सकती है।
विशेष पुलिस उपायुक्त ने सुरक्षा व्यवस्था का लिया जायजा
विशेष पुलिस उपायुक्त (कानून व्यवस्था) आरएस कृष्णैया ने सोमवार को शाहीन बाग पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। उनके साथ पुलिस उपायुक्त कुमार ज्ञानेश के साथ-साथ कई आलाधिकारी भी मौजूद थे। इस दौरान विशेष पुलिस उपायुक्त ने शाहीन बाग के बाहरी हिस्से में जाकर सुरक्षा का जायजा लिया। सुरक्षा में तैनात स्थानीय पुलिस के साथ-साथ केंद्रीय बल को कई दिशा-निर्देश दिए।
बिस्वाल को हटाए जाने का स्वागत
शाहीन बाग के प्रदर्शनकारियों ने तत्कालीन पुलिस उपायुक्त चिन्मय बिस्वाल को हटाए जाने का स्वागत किया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि चुनाव आयोग की टीम के सामने उन लोगों ने चिन्मय बिस्वाल पर एकतरफा कार्रवाई का आरोप लगाया था। पूर्व पुलिस उपायुक्त के रवैये से नाखुश स्थानीय नेताओं ने भी उन्हें हटाने की मांग की थी।
नौनिहालों को कराना पड़ता है दो किमी सफर
शाहीन बाग का रास्ता बंद होने से स्कूली बच्चों को उनके माता-पिता हर दिन कालिंदी कुंज तक पैदल लेने आते हैं। सोमवार को भी मासूम बच्चे माता-पिता के साथ घर पैदल जाते नजर आए। यह वे लोग हैैं, जो कई सालों से शाहीन बाग की कॉलोनियों में रहते हैैं और उनके बच्चे नोएडा के स्कूलों में पढ़ने जाते हैं।
जामिया जाने वाले मार्गों पर केंद्रीय सुरक्षा बल की तैनाती
जामिया मिल्लिया इस्लामिया के बाहर गोली चलने की घटना के बाद सोमवार को जामिया जाने वाले सभी रास्तों पर केंद्रीय सुरक्षा बल की तैनाती कर दी गई है। सड़क के दोनों तरफ बैरिकेेड लगाकर स्थानीय पुलिस संदिग्धों को जांच के बाद ही आगे जाने की इजाजत दे रही है। शाम को पुलिस के आला अधिकारियों ने भी मौके पर पहुंचकर पूरी स्थिति का जायजा लिया।
सीएए-एनआरसी कानून के विरोध में जामिया के बाहर दो दफा गोली चलने की घटना से छात्रों में काफी आक्रोश है। छात्रों ने रविवार की घटना के विरोध में दिल्ली पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। वहीं सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए न्यू फ्रेंडस कॉलोनी से जामिया की ओर आने वाले रास्ते पर बैरिकेड लगाकर स्थानीय पुलिस संदिग्धों की जांच कर रही है।
शाहीन बाग में आरएएफ तैनात
सुरक्षा का जायजा लेने के बाद शाहीन बाग में सोमवार देर शाम प्रदर्शन स्थल के पास रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) को तैनात कर दिया गया है। पुलिस को आशंका है कि कुछ अराजकतत्व माहौल खराब करने का प्रयास कर सकते हैं, जिसे देखते हुए आरएएफ की तैनाती की गई है।