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शाहीन बागः रास्ते बंद, कैसे अस्पताल जाएं मरीज, स्कूली बच्चे भी पैदल चलने को मजबूर

Fri, 17 Jan 2020 06:20 AM IST
संजीव कुमार झा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: संजीव कुमार झा Updated Fri, 17 Jan 2020 06:20 AM IST
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shaheen bagh caa protest, roads are closed, patients are unable to reach hospitals
शाहीन बाग प्रदर्शन - फोटो : अमर उजाला

शाहीन बाग में एक महीने से जारी प्रदर्शन की वजह से आसपास के अस्पतालों में मरीज नहीं पहुंच पा रहे हैं, जिससे अस्पतालों की ओपीडी में मरीजों की संख्या घटकर आधी हो गई है। यहां तक एंबुलेंस नहीं पहुंच पाने की वजह से इमरजेंसी में तो न के बराबर मरीज पहुंच रहे हैं।

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एक निजी अस्पताल की ओपीडी में महीने भर पहले जहां 90 से ज्यादा मरीज आते थे, लेकिन मौजूदा समय में यहां पर मरीजों की संख्या घटकर 35 से 40 रह गई है। लगभग ऐसी ही स्थिति यहां के तीन अन्य निजी अस्पतालों की भी है।

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प्रदर्शन से आजिज आए

चाहे शाहीन बाग के निवासी हों या वे लोग जिनके अपने कारोबार हैं, महीने भर से यहां पर चल रहे प्रदर्शन और उसके कारण रोड बंद होने से सबका काम ठप पड़ा हुआ है। ऐसे में लोग रोज के प्रदर्शन से आजिज आ चुके हैं।

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एक अस्पताल में बातचीत के दौरान पता चला कि 20 दिन से यहां मरीजों का अभाव है। ऐसे माहौल में यहां लोग इलाज कराने नहीं आना चाहते। हालांकि उनका यह मानना भी है कि सीएए के खिलाफ प्रदर्शन जायज है, लेकिन यह बड़े ही लंबे समय से जारी है, जिस कारण परेशानी बढ़ गई है।

रोज लौटती हैं 50 से ज्यादा एंबुलेंस

कालिंदी कुंज-नोएडा हाईवे से आने-जाने वाली 50 से ज्यादा एंबुलेंस को रोज लौटकर दूसरे रास्तों से जाना पड़ता है। बैरियर के पास तैनात पुलिसकर्मियों ने बताया कि जिन्हें रास्ता बंद होने की जानकारी नहीं है, वे यहां आकर वापस लौटते हैं।

बच्चों को रोज कई किलोमीटर पैदल तय कर स्कूल आना-जाना पड़ रहा

शाहीन बाग में जारी प्रदर्शन के चलते बच्चों को रोज कई किलोमीटर लंबा सफर पैदल तय कर स्कूल आना-जाना पड़ रहा है। बच्चों के साथ-साथ उनके माता-पिता को भी इन दिनों भारी परेशानी सहनी पड़ रही है।

बच्चों को स्कूल बस तक छोड़ने और बाद में उन्हें बस से घर वापस लाने में उन्हें भी कई किलोमीटर पैदल चलना पड़ रहा है। शाहीन बाग और आसपास की कॉलोनियों के जो बच्चे नोएडा और मयूर विहार के स्कूलों में पढ़ने जाते हैं, वह मौजूदा समय डेढ़ से दो घंटे की देरी से अपने घर पहुंच रहे हैं।

गोविंदपुरी में रहने वाली हेमलता अपने पांच साल के बच्चे रोहन को स्कूल बस से उतारकर घर लौटी थीं। उनसे बातचीत करने पर पता चला कि वह शाहीन बाग में हो रहे प्रदर्शन स्थल के दूसरे छोर तक ही आने वाली स्कूल बस तक सुबह अपने बच्चे को छोड़ने आती हैं, दोपहर में फिर से उन्हें ढाई किलोमीटर पैदल सफर तय करके बच्चे को लेने आना पड़ता है।

ऐसे में उन्हें और उनके बच्चे को रोज 5 किलोमीटर पैदल चलना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि पहले स्कूल बस उनके घर तक आती थी। इसी प्रकार अन्य बच्चों और उनके माता-पिता को भी इन दिनों पैदल चलना पड़ रहा है।

मयूर विहार, एयरफोर्स स्कूल, नोएडा के कई नामी-गिरामी स्कूल और दिल्ली पब्लिक स्कूल की बसें रोज बच्चों को स्कूल ले जाने और छोड़ने आती हैं, लेकिन शाहीन बाग में प्रदर्शन के कारण स्कूल बसों को कई किलोमीटर घंटों सड़कों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं।

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