फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   shahberi building collapse police has give report to investigation officer

शाहबेरी हादसा: पुलिस ने सौंपी रिपोर्ट, सामने आया चौंकाने वाला सच

Sun, 26 Aug 2018 12:24 PM IST
नवीन कुमार, अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा
नवीन कुमार, अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा Updated Sun, 26 Aug 2018 12:24 PM IST
विज्ञापन
shahberi building collapse police has give report to investigation officer
Building Collapse - फोटो : lal singh
ग्रेटर नोएडा के शाहबेरी हादसे की मजिस्ट्रेट जांच में पुलिस ने अपनी रिपोर्ट दे दी है। रिपोर्ट में पुलिस ने अवैध निर्माण पर अपनी लापरवाही से पल्ला झाड़ते हुए प्राधिकरण को जिम्मेदार ठहराया है। इससे पहले मंडलायुक्त को दी गई रिपोर्ट में प्राधिकरण ने अवैध निर्माण के लिए पुलिस को जिम्मेदार बताया था।
विज्ञापन


17 जुलाई की रात शाहबेरी गांव में दो बहुमंजिला इमारतें गिर गई थीं। हादसे में नौ लोगों की मौत हुई थी। जिलाधिकारी ने घटना की मजिस्ट्रेट जांच का आदेश दिया था और अपर जिलाधिकारी प्रशासन को जांच सौंपी थी। जांच 15 दिन में पूरी करनी थी। 
विज्ञापन


जांच अधिकारी ने प्राधिकरण व पुलिस के अलावा अन्य सभी विभागों से रिपोर्ट मांगी थी। अब पुलिस ने जांच अधिकारी को अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। इसमें पुलिस ने अपने स्तर पर लापरवाही से इंकार किया है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


अवैध निर्माण को रोकने पर भी पुलिस की तरफ से बताया गया है कि जमीन प्राधिकरण के अधिसूचित क्षेत्र में है। ऐसे में अवैध निर्माण रोकने की जिम्मेदारी प्राधिकरण की है। शाहबेरी गांव में अवैध निर्माण को रोकने के लिए कभी पुलिस बल नहीं मांगा गया। इसके अलावा भी कई सवालों के जवाब पुलिस की तरफ से दिए गए हैं। 

प्राधिकरण ने पुलिस पर फोड़ा था ठीकरा

सरकार ने शाहबेरी हादसे की जांच मंडलायुक्त को दी थी। मंडलायुक्त को प्राधिकरण की तरफ से अपनी रिपोर्ट पहले ही भेज दी गई थी। इसमें प्राधिकरण ने पुलिस को जिम्मेदार ठहराया था। बताया था कि अवैध निर्माण को रोकने के लिए पुलिस बल उपलब्ध नहीं मिला। इस कारण निर्माण को रोका नहीं जा सका।  

पांच बिंदुओं पर जवाब देने से बच रहा प्राधिकरण
जांच अधिकारी की तरफ से बार-बार प्राधिकरण से रिपोर्ट मांगी जा रही है, लेकिन अभी तक रिपोर्ट नहीं दी है। इस संबंध में कई बार रिमाइंडर भी जारी किए जा चुके हैं। आखिरी बार शुक्रवार तक का समय दिया गया था, लेकिन रिपोर्ट नहीं दी गई। 

अब जांच अधिकारी ने सोमवार तक हर हाल में रिपोर्ट देने का कहा है। बताया जा रहा है कि प्राधिकरण पांच बिंदुओं का जवाब देने से बच रहा है। इसमें उन अफसरों के नाम भी पूछे गए हैं जो वर्ष 2015 से अब तक तैनात रहे हैं।

प्राधिकरण को छोड़कर बाकी सभी विभागों ने अपनी रिपोर्ट दे दी है। प्राधिकरण की रिपोर्ट आने के बाद जांच को जल्द से जल्द पूरा किया जाएगा। प्राधिकरण से सोमवार तक रिपोर्ट मांगी है।
-दिवाकर सिंह, अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) 
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed