शाहबेरी हादसा: नाम की गलतफहमी या रसूख आया आड़े, कई बिल्डरों पर आएगी जांच की आंच
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शाहबेरी में हुए दर्दनाक हादसे से जोड़कर बुलंदशहर के एक प्रमुख बिल्डर के राजनेताओं के साथ फोटो खूब वायरल हो रहे हैं। इसके साथ ये सवाल भी उठाए जा रहे हैं कि राजनेताओं से संबंध और रसूख के चलते पुलिस कार्रवाई प्रभावित हो सकती है। वहीं, पुलिस अब तक बिल्डर के नाम वाले व्यक्ति का पता स्पष्ट नहीं कर पाई है।
इससे ये सवाल खड़ा हो गया है कि क्या वास्तव में नाम की गलतफहमी में बिल्डर का नाम उछाला जा रहा है या फिर उसका रसूख कार्रवाई में आड़े आ रहा है। पुलिस ये भी स्पष्ट नहीं कर पाई है कि इसी बिल्डर का नाम एफआईआर में है या फिर उस बिल्डर के नाम का कोई और व्यक्ति है।
डीएम की रिपोर्ट में नाम एक
जिलाधिकारी बीएन सिंह द्वारा जारी की गई हादसे के संबंध में कार्रवाई की रिपोर्ट में गिरफ्तार किए गए आरोपी श्याम पाठक का निक नेम वही दर्शाया गया है जिसके फोटो नेताओं के साथ वायरल हो रहे हैं। इससे अब यह मामला और उलझ गया है।
कई बिल्डरों पर आएगी जांच की आंच
दर्दनाक हादसे के बाद आला अधिकारियों ने अभियान चलाकर अवैध बिल्डिंग को चिह्नित कर बिल्डरों पर कार्रवाई का दावा किया था। सूत्रों का कहना है कि पुलिस-प्रशासन ऐसी बिल्डिंग को चिह्नित कर बिल्डरों पर कार्रवाई की खाका तैयार कर रही हैं। अगर, सही ढंग से जांच की गई तो बड़ी संख्या में बिल्डरों पर जांच की आंच आएगी। इनमें गौतमबुद्ध नगर,
दादरी, गाजियाबाद, दिल्ली, बुलंदशहर, मेरठ आदि जिलों के कई बिल्डर शामिल हो सकते हैं।
अखिलेश त्रिपाठी, बिसरख कोतवाली प्रभारी ने बताया कि, अब रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा हो गया है। इसके बाद केस से जुड़ी अन्य बातों पर तेजी से काम किया जाएगा। इनमें नामजद किए गए आरोपियों की पहचान भी शामिल है। अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी व पहचान का भी प्रयास किया जाएगा। अवैध भवन तैयार करने वाले बिल्डरों पर कार्रवाई भी की जाएगी।
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