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दिल्ली विधानसभा चुनावः अंतिम सप्ताह, घर-घर दस्तक देंगे शाह-नड्डा
Wed, 29 Jan 2020 03:38 AM IST
दुष्यंत शर्मा
हिमांशु मिश्र, नई दिल्ली
हिमांशु मिश्र, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Wed, 29 Jan 2020 03:38 AM IST
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JP Nadda, narendra Modi, Amit Shah
- फोटो : Social Media
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दिल्ली विधानसभा चुनाव प्रचार के अंतिम सप्ताह में भाजपा अपना सब कुछ दांव पर लगा देगी। गृह मंत्री अमित शाह और पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा घर-घर दस्तक देंगे तो लोकसभा और राज्यसभा के 300 सांसद पार्टी को जिताने के लिए रात दिन एक करेंगे। इस क्रम में करीब 50 केंद्रीय मंत्रियों, पार्टीशासित राज्यों के सीएम, डिप्टी सीएम, वरिष्ठ मंत्रियों और केंद्रीय नेताओं को सारे कार्यक्रम रद्द कर चुनाव प्रचार में जुटने का निर्देश दिया गया है।
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दिल्ली चुनाव में भाजपा ने मंगलवार से चुनाव प्रचार खत्म होने तक पार्टी के पक्ष में माहौल बनाने के लिए वृहद कार्यक्रम तय किया है। इस कड़ी में चुनाव में पीएम मोदी की जगह खुद चेहरा बने अमित शाह ने रोड शो-जनसभाओं के इतर घर-घर दस्तक देने की योजना बनाई है। पार्टी अध्यक्ष नड्डा भी शाह के नक्शे कदम पर आगे बढ़ेंगे। इस बीच पार्टी ने लोकसभा-राज्यसभा के 300 सांसदों को अंतिम हफ्ते में दिल्ली में डेरा डालने का फरमान सुनाया है।
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इस रणनीति के तहत पार्टी ने एक विधानसभा सीट की जिम्मेदारी 4 सांसदों को दी है। इसके अतिरिक्त 50 केंद्रीय मंत्रियों इतनी ही संख्या में केंद्रीय पदाधिकारियों और विभिन्न राज्यों के वरिष्ठ नेताओं को विधानसभा वार ड्यूटी पर लगाने की योजना बनाई है। सांसदों, मंत्रियों, केंद्रीय नेताओं को विधानसभा के उन क्षेत्रों में जिम्मेदारी संभालने के लिए कहा गया है जिन क्षेत्रों में उनका जातीय या किसी अन्य प्रकार का प्रभाव हो।
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मुख्य मुद्दा शाहीन बाग
पार्टी ने चुनाव को हर हाल में राष्ट्रवाद से जोडने की रणनीति के तहत शाहीन बाग में सीएए के खिलाफ जारी आंदोलन को केंद्र में लाने की योजना बनाई है। शाह, नड्डा सहित कई केंद्रीय मंत्री हर भाषण में इसे सबसे अधिक महत्व दे रहे हैं। चुनाव प्रचार में उतारे जाने वाले सांसदों, मंत्रियों को भी इस मुद्दे को ही केंद्र में रखने का स्पष्ट निर्देश दिया जाने वाला है। चुनाव को पूरी तरह से शाहीन बाग केंद्रित करने केलिए पार्टी ने बूथ स्तर पर शाहीन बाग में कौन किधर अभियान शुरू किया है। इसी रणनीति के तहत शाह सहित तमाम नेता विपक्ष से शाहीन बाग पर अपना रुख स्पष्ट करने की चुनौती दे रहे हैं।
अंतिम समय में पीएम की तीन रैलियां
पीएम नरेंद्र मोदी अंतिम समय में तीन रैलियों को संबोधित करेंगे। पार्टी के रणनीतिकारों को उम्मीद है कि राष्ट्रवाद को केंद्रीय मुद्दा बनाने के जद्दोजहद में जुटी पार्टी को पीएम की रैलियों से सफलता मिलेगी। अंतिम समय में पीएम की रैलियों से अचानक पार्टी के पक्ष में माहौल बनेगा। अब तक पीएम की तीन रैलियों पर सहमति बनी है। जरूरत पड़ी तो रैलियों की संख्या में अंतिम समय में बढ़ोत्तरी भी हो सकती है।
शाह बनाम केजरीवाल हुआ मुकाबला
इस बीच दिल्ली चुनाव गृह मंत्री शाह बनाम सीएम अरविंद केजरीवाल हो गया है। पीएम अब तक दिल्ली चुनाव से दूर हैं, जबकि शाह चुनाव के हर पहलू पर विपक्ष पर सीधा जवाब दे रहे हैं। चूंकि विपक्ष का जवाब भी शाह को दिया जा रहा है। ऐसे में यह चुनाव सीधे सीधे शाह बनाम केजरीवाल हो गया है। भाजपा के रणनीतिकारों का कहना है कि चूंकि मोदी सरकार की दूसरी पारी में शाह अनुच्छेद 370 खत्म करने के अलावा सीएए लागू कराया है। राम मंदिर, एनआरसी, एनपीए पर फ्रंट फुट पर हैं। इसलिए शाह फिलहाल पार्टी में राष्ट्रवाद का सबसे अहम चेहरा हैं।