देश की आजादी में कोई योगदान नहीं पर वे बांट रहे हैं राष्ट्रभक्त का सर्टिफिकेट
जंतर-मंतर में आयोजित प्रदर्शन में वरिष्ठ वामपंथी नेता सीताराम येचूरी ने जेएनयू व डीयू के रामजस कॉलेज में उठे विवाद पर बीजेपी और आरएसएस को जिम्मेदार ठहराया है।
देश की आजादी में जिन लोगों (मोदी सरकार पर तंज)का कोई योगदान नहीं था, वे आजकल राष्ट्रभक्त होने का सर्टिफिकेट बांट रहे हैं। अभिव्यक्ति की आजादी के नारे के साथ एसएफआई ने मंडी हाउस सर्कल से शुक्रवार सुबह करीब पौने 12 बजे विरोध प्रदर्शन शुरू किया।
रामजस कॉलेज में उठे विवाद पर बीजेपी और आरएसएस को जिम्मेदार ठहराया
देशभर के विश्वविद्यालयों से पहुंचे छात्रों और शिक्षकों ने रामजस कालेज के बाहर हुए विवाद पर एबीवीपी के खिलाफ नारे लगाए।
एसएफआई छात्रनेता सुदीप सिंह का कहना था कि जेएनयू के बाद अब डीयू में एबीवीपी माहौल खराब कर रहा है। लोकतंत्र में अभिव्यक्ति की आजादी होती है, लेकिन छात्रों व शिक्षकों को बोलने ही नहीं दिया जाता है। मोदी सरकार शिक्षण संस्थानों में अभिव्यक्ति की आजादी रोकने में जुटी हुई है।
बीजेपी व आरएसएस के साथ एबीवीपी विश्वविद्यालयों में जाकर अभिव्यक्ति की आजादी की मांग करने वालों को पीटते हैं और जब मामला बिगड़ जाता है कि राष्ट्रभक्त बन जाते हैं।