मुंबई से सात गुना ज्यादा दिल्ली में गैंगरेप, रिपोर्ट्स में हुआ खुलासा
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
निर्भया गैंगरेप के तीन साल बाद भी महिलाओं के लिए दिल्ली की आबोहवा सुरक्षित नहीं रही। मुंबई की अपेक्षा दिल्ली में सात गुना ज्यादा गैंगरेप की घटनाएं हुईं। वर्ष 2015 में दिल्ली में हर माह करीब आठ गैंगरेप की घटना हुई वहीं मुंबई में औसतन हर माह एक गैंग रेप की घटना हुई। जबकि महिला पुलिस बल मुंबई की अपेक्षा दिल्ली में कहीं ज्यादा है।
आरटीआई पर काम करने वाली संस्था कॉमनवेल्थ ह्यूमन राइट्स इनिशिएटिव (सीएचआरआई) ने राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) और पुलिस अनुसंधान एवं विकास ब्यूरो (बीपीआरडी) के आंकड़ों का अध्ययन किया।
इसके मुताबिक एनसीआरबी की वर्ष 2015 की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक दिल्ली में इस साल आईपीसी की धारा 376 के तहत कुल 2199 बलात्कार के केस दर्ज किए गए। वहीं मुंबई में सिर्फ 712 रेप के केस दर्ज हुए।
मुंबई में दर्ज हुए कम मामले
दिल्ली में आईपीसी की धारा 376 डी (गैंगरेप) के तहत 92 मामले दर्ज हुए जबकि मुंबई में सिर्फ 14 गैंगरेप के मामले सामने निकलकर आए। इसके अलावा सीएचआरआई ने महिला पुलिस बल की तादाद के बारे में विश्लेषण किया।
मुंबई की अपेक्षा दिल्ली में महिला पुलिस बल कहीं ज्यादा हैं। एक जनवरी 2016 की रिपोर्ट के मुताबिक मुंबई में महिला कॉन्सटेबल की संख्या 4442 थी वहीं दिल्ली में महिला कॉन्सटेबल की संख्या 4855 थी।
हेड कॉन्सटेबल की संख्या मुंबई में 792 और दिल्ली में 112 थी। वहीं दिल्ली में डीजीपी, एडि. डीजी, आईजीपी की कुल संख्या चार है लेकिन इन्हीं पदों पर मुंबई में एक भी महिला पुलिस अधिकारी की नियुक्ति नहीं हुई थी। इस तरह एक दर्जन पदों पर दिल्ली में कुल 7004 और मुंबई में 4938 महिला पुलिस अधिकारी नियुक्त हैं।
रेप के वर्षवार आंकड़े -
शहर - 2015 - 2014 - 2013 -2012
दिल्ली - 2199 - 1823 - 1441 - 706
मुंबई - 712 - 607 - 391 - 232
बंगलुरू - 112 - 104 - 80 - 90