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यूनिवर्सिटी और कॉलेजों के लिए बनेगी अलग खेल नीति
ब्यूरो/अमर उजाला, गुरुग्राम
Updated Wed, 14 Dec 2016 12:25 AM IST
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प्रदेश के कॉलेज व यूनिवर्सिटी में अलग से खेल नीति बनेगी। उच्चतर शिक्षा विभाग इस बाबत मंथन कर रहा है। आने वाले दो महीने में इसका ड्राफ्ट तैयार होगा। इसके बाद जल्द ही मोहर लगने की उम्मीद है।
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विभाग की ओर से 15 बिंदुओं पर कॉलेज प्रिंसिपलों, खिलाड़ियों और विशेषज्ञों की राय मांगी गई है। जिसके आधार पर मंथन कर उच्चतर शिक्षा विभाग अपने लिए खेल नीति तैयार करेगा।
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दरअसल, राष्ट्रीय और प्रदेश स्तर पर खेल नीति है, लेकिन यह विशेष तौर पर कॉलेज या यूनिवर्सिटी के छात्रों के लिए नहीं है। मौजूद सभी खेल नीति खेल एवं युवा कार्यक्रम विभाग द्वारा संचालित किए जाते हैं।
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इसमें कॉलेज के छात्रों को तवज्जो नहीं मिलती है। जिससे कॉलेज और यूनिवर्सिटी के खिलाड़ियों को सही स्थान नहीं मिल पाता है। इसे देखते हुए उच्चतर शिक्षा विभाग ने अपने यूनिवर्सिटी व कॉलेजों में ही खेल प्रतिभा को तराशने के लिए अलग खेल नीति बनाने का निर्णय लिया है।
विभाग के अधिकारियों को उम्मीद है कि इससे खेल प्रतिभा को तराशने का मौका मिलेगा। अलग खेल नीति से कॉलेज में खेल का माहौल बनेगा। सूत्रों के मुताबिक इस नीति में हरियाणा उच्चतर शिक्षा विभाग के लिए अलग से स्पोर्ट्स काउंसिल का गठन होगा।
इसके साथ ही कॉलेजों में खेल मैदान, उपकरण और दशा सुधारने के लिए स्पोर्ट्स ग्रांट की व्यवस्था होगी। जिससे छात्रों को प्रशिक्षण में कोई दिक्कत नहीं हो। सभी कॉलेजों व यूनिवर्सिटी में अलग-अलग खेलों के स्पोर्ट्स विंग बनाए जाएंगे।
हर जिले के कॉलेज में स्थानीय खिलाड़ियों व वहां के मिजाज को देखते हुए अलग-अलग स्पोर्ट्स अकादमी भी शुरू की जाएंगी। वहां भारतीय स्पोर्ट्स प्राधिकरण और खेल विभाग के विशेषज्ञों के जरिये खिलाड़ियों को प्रशिक्षित किया जाएगा। प्राइवेट कंपनियों का सहयोग भी लेने पर विचार किया जा रहा है। ताकि खिलाड़ियों को बेहतर लाभ मिल सके।
अभी प्रदेश में खेल नीति है, लेकिन उच्चतर शिक्षा विभाग के लिए विशेष तौर पर नहीं है। कॉलेज व यूनिवर्सिटी के खिलाड़ियों के लिए अब विशेष खेल नीति होगी। इससे प्रदेश में स्पोर्ट्स कल्चर बनाने में मदद मिलेगी। खेल के लिए तमाम तरह की सुविधा देने के साथ खिलाड़ियों को भी प्रोत्साहित किया जाएगा। - मोहम्मद शाइन, महानिदेशक, उच्चतर शिक्षा विभाग