संसद में पहुंचा खतरनाक हथियार, मची खलबली
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बुधवार को मुंबई में हुए आतंकी हमले की छठवीं बरसी पर शहीदों को श्रद्घांजलि के लिए राज्य सभा में विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। इस सभा में अचानक खलबली मच गई।
राज्य सभा के इस अतिसुरक्षित क्षेत्र में आधुनिक हथियारों के साथ एक व्यक्ति को देख सुरक्षा कर्मियों के होश उड़ गए। असल में शहीदों को श्रद्घांजलि देने के लिए राज्य सभा में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह भी पहुंचे थे।
पूर्व प्रधानमंत्री होने के नाते उन्हें एसपीजी सुरक्षा मिली हुई है। कल दोपहर दो बजे के करीब जब मनमोहन सिंह शहीदों को श्रद्घांजलि देने के लिए राज्य सभा के लिए जा रहे थे तो उनके साथ एसपीजी टीम की क्लोज प्रोटेक्शन टीम भी थी।
राज्य सभा में प्रवेश के दौरान मनमोहन सिंह की सुरक्षा में लगा एसपीजी का एक गार्ड भी उनके साथ राज्य सभा में प्रवेश कर गया। बता दें कि यह अति सुरक्षित इलाका माना जाता है और यहां किसी को भी हथियारों के साथ प्रवेश की अनुमति नहीं है।
खुली भयंकर लापरवाही की पोल
हालांकि यह जिम्मेदारी राज्य सभा की सुरक्षा में लगे सुरक्षाकर्मियों की होती है कि किसी को भी इस इलाके में हथियारों के साथ प्रवेश करने से रोकें।
इस दौरान राज्य सभा के एक मार्शल की निगाह हथियारों के साथ खड़े एसपीजी के गार्ड पर पड़ गई। मार्शल तुरंत ही एसपीजी के कमांडो के पास पहुंचा और उसने उसे राज्य सभा के सुरक्षा मानकों के उल्लंघन की जानकारी देते हुए तुरंत ही सदन से बाहर जाने को कहा।
मार्शल ने तुरंत ही राज्य सभा की सुरक्षा में लगे लोगों के साथ वरिष्ठ अधिकारियों को इस बारे में सूचित किया। तुरंत ही मौके पर वरिष्ठ अधिकारी पहुंच गए और एसपीजी को राज्य सभा के सुरक्षा प्रोटोकॉल की जानकारी देते हुए राज्य सभा के बाहर रहने का आदेश दिया।
पहले भी हुई भयंकर चूक
डेली मेल के मुताबिक इस घटना ने राज्य सभा की सुरक्षा में हुई बड़ी लापरवाही की पोल खोल दी। इस लापरवाही के लिए उस वक्त सुरक्षा देख रहे मार्शल इंचार्ज को जिम्मेदार माना गया। हालांकि उसके खिलाफ कोई कार्यवाही करने के बजाय मामले को दबाने की कोशिश की जा रही है।
बता दें कि 29 अक्टूबर को ऐसा ही एक मामला सामने आया था जिसमें राज्य सभा की सुरक्षा में लगे असिसटेंट डायरेक्टर ने वीवीआईपी मूवमेंट पर नजर रखने वाला अपना वायरलेस सेट खो दिया और किसी को सूचित नहीं किया।
बाद में यह सेट विज्ञान भवन में लावारशि पड़ा मिला था। इस इत्तेफाक ही था कि किसी गलत हाथ में जाने से पहले ही पुलिस की निगाह इस वायरलेस सेट पर पड़ गई थी।
साभार: mailtoday.in