सुरक्षा खामी: कट्टा लेकर चांदनी चौक मेट्रो स्टेशन से हुआ था सवार
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राजीव चौक मेट्रो स्टेशन के भीतर बृहस्पतिवार रात एक युवक ने खुद को गोली मारकर मेट्रो स्टेशनों पर व्याप्त सुरक्षा की खामियों का उजागर कर दिया है। जांच में यह बात सामने आई है कि युवक कट्टा लेकर चांदनी चौक मेट्रो स्टेशन से ट्रेन में सवार हुआ था और राजीव चौक मेट्रो स्टेशन पर घटना को अंजाम दिया।
हालांकि पुलिस का कहना है कि युवक मानसिक तनाव में है और कई बार बयान बदल चुका है। इसलिए अभी तक खुदकुशी के प्रयास के कारणों का खुलासा नहीं हो पाया है।
फिलहाल कश्मीरी गेट मेट्रो थाना पुलिस ने युवक के खिलाफ आर्म्स एक्ट और सुरक्षा में सेंध लगाने का मामला दर्ज कर जांच कर रही है। वहीं युवक का राम मनोहर लोहिया अस्पताल में इलाज चल रहा है और वह खतरे से बाहर है। पुलिस के अनुसार, युवक की पहचान शिवराजपुर गांव फतेहपुर उत्तर प्रदेश निवासी शिवेश पाल के रूप में हुई है।
बहन ने सौंपी था बैग जिसमें थी पिस्टल
जांच में पता चला कि शिवेश के पिता गिरधारी पाल की अपोलो अस्पताल में बाईपास सर्जरी हुई है। वह अपनी बहन गीता के साथ अपोलो अस्पताल जा रहा था। दोनों चांदनी चौक से मेट्रो में सवार हुए थे। बताया जा रहा है कि शिवेश सुरक्षा जांच के बाद भीतर चला गया।
उसकी बहन ने सुरक्षा जांच पिकेट के पास बने टिकट काउंटर के समीप एक बैग सौंपा, जिसमें पिस्टल थी। हालांकि गीता ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि उसे बैग में पिस्टल होने की जानकारी नहीं थी। वह लेडिज कोच में चढ़कर जसोला चली गई।
जबकि शिवेश राजीव चौक मेट्रो स्टेशन पर उतर गया। जसोला पहुंचने के बाद गीता ने शिवेश को फोन किया था। शिवेश ने उसे एक घंटे में पहुंचने की बात कही थी। पुलिस का कहना है कि युवक लगातार अपना बयान बदल रहा है।
जिसकी वजह से उसके खुदकुशी के प्रयास के कारणों का खुलासा नहीं हो पा रहा है। माना जा रहा है कि पिता की बीमारी की वजह से वह मानसिक रूप से परेशान था।
सुरक्षा खामियों को करना चाहता था उजागर
पुलिस सूत्रों का कहना है कि पूछताछ के दौरान शिवेश ने मेट्रो स्टेशन की सुरक्षा की खामियों को उजागर करना चाहता था। उसने बताया कि पिता के ऑपरेशन होने के बाद उन्हें खून की जरूरत थी। वह अपने कुछ परिचितों को लाने के लिए गांव जा रहा था। इस दौरान वह नई दिल्ली रेलवे मेट्रो स्टेशन पर कुछ देर तक रुका था। जहां उसने मेट्रो स्टेशन की सुरक्षा में काफी खामियां देखी।
उसने बताया कि जब वह अलीगढ़ पहुंचा तो वहां उसने दो युवकों को दिल्ली के मेट्रो स्टेशनों पर धमाका करने की बात करते सुना। एक युवक ने किसी काम से अपने बैग को खोला तो उसमें माउजर रखा हुआ था। विस्फोट किए जाने की बात सुनकर वह काफी परेशान हो गया।
दिल्ली आकर मेट्रो की सुरक्षा की खामियों को ओर पुलिस का ध्यान आकर्षित करना चाहता था। वह मार्शल आर्ट का टीचर है एक बार उसने मारपीट के दौरान एक युवक से कट्टा छीन लिया था, जिसे लेकर वह दिल्ली आया। घटना से पूर्व उसने कई बार सौ नंबर पर फोन कर पुलिस को इस बात की जानकारी देने की कोशिश की। लेकिन पुलिस ने उसकी बातों को नहीं सुना।
शिवेश अपने बयान को लगातार बदल रहा है
मेट्रो पुलिस उपायुक्त जितेंद्र मणि के मुताबिक शिवेश अपने बयान को लगातार बदल रहा है। वह कभी कहता है कि इस घटना के बारे में उसकी बहन को जानकारी थी, कभी इससे इंकार कर रहा है।
कभी अलीगढ़ में आतंकी से मिलने की बात कह रहा है लेकिन खुद को गोली मारे जाने के बारे में पूछने में वह बात को टाल देता है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि उसके स्वस्थ होने के बाद काउंसलिंग की जाएगी। उसके बाद ही सही कारणों का खुलासा हो पाएगा।
सीआईएसएफ का कहना है कि जिस जगह से युवक को बैग दिया गया। वहां की सुरक्षा की कमियों के बारे में मेट्रो प्रशासन को अवगत कराया जा चुका था। इन जगहों पर शीशे की दीवार लगाए जाने के बारे में कहा गया था। सुरक्षा के उपाय पर मेट्रो प्रशासन को कदम उठाने की जरूरत थी।
वहीं मेट्रो प्रशासन का कहना है कि समय समय पर सीआईएसएफ व मेट्रो पुलिस की ओर से सुरक्षा उपायों को लेकर बातचीत होती है और मेट्रो प्रशासन इस पर कदम उठाती है।