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चीनी नागरिक गिरफ्तारी मामले में बड़ा खुलासा, सुरक्षा एजेंसियां करीब डेढ़ वर्ष से रखे हुए थीं नजर
पुरुषोत्तम वर्मा, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Sat, 22 Sep 2018 04:19 AM IST
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चीन के लिए जासूसी के आरोप में गिरफ्तार किया गया चार्ली पेंग करीब डेढ़ वर्ष पहले देश की सुरक्षा एजेंसियों के रडार पर आ गया था। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल समेत देश की सुरक्षा एजेंसियां करीब डेढ़ वर्ष से उस पर नजर रखे हुए थी।
आरोपी के कई मोबाइल फोन को सर्विलांस पर ले रखा था। दिल्ली पुलिस ने आरोपी चार्ली पेंग को तभी गिरफ्तार किया जब उसके खिलाफ जासूसी करने के कुछ सुबूत मिल गए। पुलिस इसके जरिये इसका साथ देने वाले लोगों तक पहुंचना चाहती थी ताकि उनको भी पकड़ा जा सके।
स्पेशल सेल पुलिस अधिकारी मानते हैं कि आरोपी ने जासूसी करने के लिए भारत में पूरा सेटअप लगा रखा था। वह चीन के लिए कभी भी बड़े पैमाने पर जासूसी कर सकता था। उसने गुरुग्राम में कंपनी खोली हुई थी।
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इस कंपनी में आठ से 10 कर्मचारी रखे हुए थे। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपी की जिस तरह की लाइफ स्टाइल व कर्मचारियों की तनख्वाह आदि का खर्चा प्रति माह करीब आठ से 10 लाख रुपये है।
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आरोपी के कई मोबाइल फोन को सर्विलांस पर ले रखा था। दिल्ली पुलिस ने आरोपी चार्ली पेंग को तभी गिरफ्तार किया जब उसके खिलाफ जासूसी करने के कुछ सुबूत मिल गए। पुलिस इसके जरिये इसका साथ देने वाले लोगों तक पहुंचना चाहती थी ताकि उनको भी पकड़ा जा सके।
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स्पेशल सेल पुलिस अधिकारी मानते हैं कि आरोपी ने जासूसी करने के लिए भारत में पूरा सेटअप लगा रखा था। वह चीन के लिए कभी भी बड़े पैमाने पर जासूसी कर सकता था। उसने गुरुग्राम में कंपनी खोली हुई थी।
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इस कंपनी में आठ से 10 कर्मचारी रखे हुए थे। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपी की जिस तरह की लाइफ स्टाइल व कर्मचारियों की तनख्वाह आदि का खर्चा प्रति माह करीब आठ से 10 लाख रुपये है।
ऐसे में पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि आरोपी के पास पैसा कहां से आता था। पुलिस को इस बात का पूरा संदेह है कि वह हवाला के काले कारोबार में लगा हुआ था। शुरूआती जांच में पुलिस को पता लगा कि उसके हवाला के तार दुबई व चीन से जुडे़ हुए हैं।
पुरानी दिल्ली के हवाला कारोबारियों से उसकी साठगांठ थी। सुरक्षा एजेंसियों को जांच में ये भी पता लगा कि आरोपी चीन में फोन के जरिये कई लोगों के संपर्क में था। वह हर रोज चीन में फोन करता था। वह ज्यादातर संपर्क व्हाट्स एप के जरिये बनाता था।
दिल्ली पुलिस को जांच में पता लगा कि वह न केवल भारत में गैर कानूनी तरीके से बनवाए गए कागजों से रह रहा था, बल्कि भारत में इनकम टैक्स भी भर रहा था। पुलिस अधिकारियों के अनुसार पिछले दो वर्ष में उसने कई हजार रुपये आयकर भरा है।
पुलिस को जांच में ये भी पता लगा है कि उसने आधार कार्ड द्वारका इलाके में पांच हजार रुपये में बनवाया था। पते के लिए उसने रेंट एग्रीमेंट की कॉपी लगाई थी। पेन कार्ड भी उसने द्वारका इलाके से बनवाया था।
पुरानी दिल्ली के हवाला कारोबारियों से उसकी साठगांठ थी। सुरक्षा एजेंसियों को जांच में ये भी पता लगा कि आरोपी चीन में फोन के जरिये कई लोगों के संपर्क में था। वह हर रोज चीन में फोन करता था। वह ज्यादातर संपर्क व्हाट्स एप के जरिये बनाता था।
दिल्ली पुलिस को जांच में पता लगा कि वह न केवल भारत में गैर कानूनी तरीके से बनवाए गए कागजों से रह रहा था, बल्कि भारत में इनकम टैक्स भी भर रहा था। पुलिस अधिकारियों के अनुसार पिछले दो वर्ष में उसने कई हजार रुपये आयकर भरा है।
पुलिस को जांच में ये भी पता लगा है कि उसने आधार कार्ड द्वारका इलाके में पांच हजार रुपये में बनवाया था। पते के लिए उसने रेंट एग्रीमेंट की कॉपी लगाई थी। पेन कार्ड भी उसने द्वारका इलाके से बनवाया था।