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सेक्टर-7, 8 को बेचकर होगी मेट्रो की फंडिंग!

Fri, 13 Jun 2014 12:12 AM IST
अमर उजाला, गाजियाबाद
अमर उजाला, गाजियाबाद Updated Fri, 13 Jun 2014 12:12 AM IST
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Sector-7, 8 Metro funding will be selling!

दिलशाद गार्डन-नया बस अड्डा मेट्रो रूट को कैबिनेट की मंजूरी मिलते ही अब आवास विकास ने फंडिंग की राशि जुटाने की तैयारी में जुटी है।

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राशि जुटाने के लिए परिषद वसुंधरा सेक्टर सात और आठ की जमीन पर जल्द ही कई योजनाएं लांच कर सकता है। जमीन को महंगी दर पर बिल्डरों को भी बेचा जा सकता है।

दिलशाद गार्डन-नया बस अड्डा रूट की फंडिंग में जीडीए के बाद आवास विकास परिषद को सबसे बड़ा शेयर देना है। परिषद को इसमें 332 करोड़ की राशि अदा करनी है। हालांकि यह राशि अवस्थापना निधि से अदा की जाएगी।

मगर अवस्थापना निधि की पूरी राशि जाने से परिषद के अपने कई प्रोजेक्ट अटक सकते हैं। जिसे देखते हुए परिषद ने बिल्डरों पर इसका बोझ डालने की तैयारी शुरू कर ली है। सूत्रों की मानें तो पिछले करीब एक साल से अटका वसुंधरा सेक्टर सात और आठ का ले-आउट जल्द ही फाइनल कर दिया जाएगा।
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इसके बाद इसकी जमीन की नीलामी निजी बिल्डराें को ऊंची दर पर की जाएगी। जिससे परिषद को अधिक से अधिक पैसा मिल सके। परिषद का खजाना बढ़ता है तो इससे आने वाले समय में अन्य योजनाओं पर असर नहीं पड़ेगा।
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सर्किल रेट और डेवलपमेंट चार्ज में हो सकती है बढ़ोतरी
मेट्रो फंडिंग के लिए परिषद अपनी वसुंधरा और अजंतापुरम योजनाओं के सर्किल रेट और डेवलपमेंट चार्ज भी बढ़ा सकता है। हालांकि अभी अधिकारी इस पर विचार करेंगे। वित्त वर्ष की शुरुआत में ही परिषद ने सर्किल रेट बढ़ाए हैं। मगर सर्किल रेट दोबारा रिवाइज किए जा सकते हैं।

समय से फंडिंग करने का दावा
परिषद के अधिशासी अभियंता एससी राय ने बताया कि परिषद को अपने हिस्से की राशि तीन किश्तों में जमा करानी है। ऐसे में हेडक्वार्टर से आदेश आते ही यह राशि अदा कर दी जाएगी। अवस्थापना की राशि से ही परिषद नोडल एजेंसी जीडीए को रुपये का भुगतान करेगा।


हालांकि परिषद अधिकारियों का दावा है कि अवस्थापना की राशि मेट्रो में दिए जाने के बाद गरीबों की कोई योजना प्रभावित नहीं होगी। मगर आने वाले दो साल तक सड़क निर्माण और अन्य योजनाएं अधर में अटक सकती हैं।

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