सीलिंग : MCD की बैठक में जमकर हुआ हंगामा, केजरीवाल सरकार की महिला पार्षदों के साथ हुई अभद्रता
करीब एक महीने से दिल्ली में जारी सीलिंग को लेकर शनिवार दोपहर तीनों एमसीडी की संयुक्त बैठक में इस पर छह माह के लिए रोक लगाने का प्रस्ताव पास हुआ।
बैठक में जबरदस्त हंगामा, नारेबाजी और नोकझोंक हुई। प्रस्ताव के तहत एमसीडी जल्द ही सुप्रीम कोर्ट के समक्ष दिल्ली के व्यापारियों की समस्याएं दूर करने के लिए छह माह का वक्त देने की अपील करेगी।
दोपहर दो बजे बुलाई गई संयुक्त बैठक 20 मिनट देरी से शुरू हुई। आप के पार्षदों ने बवाना कांड के मृतकों को श्रद्धांजलि देने की मांग की। इस पर हंगामा शुरू हो गया।
कुछ देर बाद तीनों मेयर ने दो मिनट सदन की कार्यवाही को रोका। करीब एक घंटा 40 मिनट चली इस बैठक में एक घंटा 30 मिनट तक हंगामा, नारेबाजी, आपसी नोकझोंक हुई।
आप की महिला पार्षदों ने अभद्र व्यवहार तक के आरोप लगाए। वहीं, भाजपा पार्षदों ने आप के एक पार्षद पर शराब के नशे में धुत होकर हंगामा करने का आरोप लगाया।
दक्षिण दिल्ली नगर निगम की मेयर कमलजीत सहरावत का कहना है कि सदन में ऐसा कृत्य आपराधिक है। इसकी जांच सीसीटीवी फुटेज के जरिये की जाएगी।
दरअसल, सीलिंग को लेकर पहली बार तीनों एमसीडी ने संयुक्त बैठक का निर्णय लिया था, ताकि आपसी चर्चा के बाद सरकार और सुप्रीम कोर्ट के समक्ष इस समस्या को ले जाया जा सके।
इसमें तीनों निगम की मेयर, कमिश्नर, अधिकारी और करीब 272 पार्षदों ने सहभागिता की। मेयर सहरावत ने बताया कि सदन में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पास हुआ है। इसके तहत सुप्रीम कोर्ट के समक्ष व्यापारियों का दुख रखते हुए सीलिंग छह महीने रोकने की अपील की जाएगी।
कोर्ट के सामने निगम का पक्ष रखने के लिए एएसजी को अनुबंधित करने की मांग की गई है। साथ ही, केंद्र सरकार से सीलिंग पर अध्यादेश लाने की अपील की जाएगी।
उन्होंने बताया कि सीलिंग पर तीनों एमसीडी एकजुट हैं। जल्द ही ठोस परिणाम मिलने की उम्मीद है। याचिका सोमवार को दायर हो सकती है।
351 सड़कों का उठा मुद्दा
सदन की शुरुआती कार्यवाही में दक्षिण दिल्ली नगर निगम की नेता सदन शिखा राय ने 351 सड़कों को नोटिफाई करने का मुद्दा उठाया।
उन्होंने कहा कि निगम ने दिल्ली की 351 सड़कों को व्यावसायिक गतिविधियों के लिए पारित करके दिल्ली सरकार के पास नोटिफाई करने के लिए 7 मई 2007 को भेजा था। यह आज तक ठंडे बस्ते में है।
सरकार को सबसे पहले इस पर संज्ञान लेना चाहिए। वहीं, उत्तरी निगम के नेता सदन जयेंद्र डबास ने कहा कि केंद्र सरकार ने शॉप कम रेजिडेंस का संशोधित रेट 22,274 रुपये निर्धारित किया है। इन कीमतों का भी ए, बी, सी, डी में वर्गीकरण करना चाहिए, ताकि व्यापारियों को राहत मिल सके।
कन्वर्जन चॉर्ज खत्म करने पर ही समर्थन
कांग्रेस के पार्षदों ने तीनों मेयरों के समक्ष कन्वर्जन चॉर्ज खत्म करने की मांग उठाई। कांग्रेस के पार्षदों ने कहा कि वर्ष 2006 में दिल्ली विकास प्राधिकरण ने कन्वर्जन चार्ज पर एक गाइडलाइन जारी की थी।
इस पर अब तक एमसीडी ने अमल नहीं किया है। इस पर मेयर ने कहा कि 10 साल से कन्वर्जन चार्ज दे रहे लोगों से आगे से नहीं वसूला जाए, ऐसी मांग केंद्र सरकार से की जाएगी।
गोदाम या स्टोर के अलावा बेसमेंट के अन्य इस्तेमाल की छूट देने, दुकानों के फिक्स्ड रेश्यो (एफएआर) को बढ़ाने का आग्रह भी करेंगे।