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सुप्रीम कोर्ट ने मनोज तिवारी से कहा- दें 1000 संपत्तियों की लिस्ट, आपको सीलिंग अधिकारी ही बना देंगे

Tue, 25 Sep 2018 01:16 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Tue, 25 Sep 2018 01:16 PM IST
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sealing case supreme court lashes out at Manoj Tiwari for violating its order on sealing
मनोज तिवारी सुप्रीम कोर्ट में हुए पेश - फोटो : पीटीआई
सुप्रीम कोर्ट में सीलिंग के मामले में भाजपा के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष और लोकसभा सांसद मनोज तिवारी की कोर्ट में पेशी हुई। सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली के गोकुलपुर में एक गांव की सीलिंग तोड़ने के मामले में तिवारी से एक हफ्ते में जवाब मांगा है।
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इस मामले में अब सुप्रीम कोर्ट 8 अक्टूबर को सुनवाई करेगा। सुनवाई के वक्त सुप्रीम कोर्ट ने मनोज तिवारी के सीलिंग मुद्दे पर किए गए बर्ताव पर नाराजगी जताई।
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कोर्ट ने कहा कि तिवारी को ऐसा नहीं करना चाहिए था। सुप्रीम कोर्ट ने तिवारी को अगले हफ्ते पेश होने के लिए कहा है। सुनवाई के वक्त सुप्रीम कोर्ट ने मनोज तिवारी को उनके उस बयान पर फटकार लगाई, जिसमें उन्होंने कहा था कि एक हजार जगहें ऐसी हैं, जो सील होनी चाहिए।
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सख्त टिप्पणी करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि आप सुबह तक हमें 1000 संपत्तियों की एक लिस्ट दें, हम आपको सीलिंग अधिकारी ही बना देंगे। वहीं तिवारी के वकील ने कोर्ट से कहा कि ये लिस्ट ना मांगी जाए ये सांसद हैं।  उन्होंने कहा कि मॉनीटरिंग कमेटी मनमानी कर रही है। इस पर कोर्ट ने पूरा ब्यूरा मांगा है।
 

सीलिंग के मुद्दे पर अकेले पड़े तिवारी

sealing case supreme court lashes out at Manoj Tiwari for violating its order on sealing
मनोज तिवारी सुप्रीम कोर्ट में हुए पेश - फोटो : पीटीआई
दिल्ली में सीलिंग के मुद्दे पर प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी अकेले पड़ गए हैं। पूर्वांचल रैली में भाजपा अध्यक्ष अमित शाह की चुप्पी के बाद इस बात को बल मिला कि केंद्र सरकार सीलिंग के मामले में सर्वोच्च न्यायालय की नाराजगी मोल नहीं लेना चाहती।

अदालत डेयरी की सील तोड़ने पर क्या रुख अपनाती है, उसी पर भाजपा की आगामी रणनीति तय होगी। दिल्ली में वर्तमान में सीलिंग एक बड़ा मुद्दा है। कांग्रेस के इस मुद्दे पर बाजी मारने पर भाजपा में चिंता व्याप्त थी।

मनोज तिवारी ने एक कदम आगे बढ़ कर डेयरी की सील तोड़ दी। भाजपा में चल रही गुटबाजी के चलते तिवारी पहले ही अकेले पड़ रहे थे, क्योंकि प्रदेश स्तर पर उनके साथ किसी ने भी कदम नहीं बढ़ाया।

उधर, सर्वोच्च न्यायालय ने उन्हें तलब भी कर लिया।  पूर्वांचल रैली में मनोज तिवारी ने अमित शाह के समक्ष सीलिंग का मामला उठा दिया, ताकि शाह के बोलते ही सभी नेता उनके साथ जुड़ जाएं। लेकिन हुआ इसके उलटा,  शाह ने चुप्पी साध ली तो फिर वे भाजपा में विरोधी धड़े के निशाने पर आ गए।   

 
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