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फर्जी वेबसाइट से ऑनलाइन टैक्स में करोड़ों का घपला
अमर उजाला, गाजियाबाद
Updated Thu, 25 Sep 2014 12:51 AM IST
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शातिरों ने परिवहन विभाग की फर्जी वेबसाइट तैयार कर करोड़ों का राजस्व डकार लिया है। गाजियाबाद संभाग में ही करीब 17 करोड़ रुपये घपले का अंदेशा है।
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प्रदेश के कई जिलों में कंज्यूमर सर्विस सेंटर खोलकर वाहन स्वामियों को ठगा गया। घपले का खुलासा गाजियाबाद के प्रवर्तन अफसरों की पकड़ में आने के बाद हुआ। अब रिपोर्ट दर्ज कराने की तैयारी की जा रही है।
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विभाग ने अप्रैल 2013 में आनलाइन टैक्स पे सिस्टम शुरू किया था। चेक पोस्ट समाप्त होने के बाद वाहन स्वामियों को यह सुविधा प्रदान की गई थी।
इसके तहत किसी जनपद-प्रदेश में प्रवेश के दौरान वाहन स्वामी जरूरी टैक्स आनलाइन या मोबाइल जमा कर सकते हैं। जमा रसीद की प्रिंटर कापी या मोबाइल मैसेज देखकर ही मान लिया जाता था।
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इसके चलते हाइवे के किनारे कुछ लोगों ने कंज्यूमर सर्विस सेंटर खोल लिए थे। इन सेंटर से भी आनलाइन टैक्स जमा कराया जा सकता था।
कुछ कंज्यूमर सेंटर स्वामियों ने यूपी ट्रांसपोर्ट की फर्जी वेबसाइट तैयार कर ट्रक मालिकों से टैक्स का आनलाइन भुगतान करने लगे। आरटीओ टीमें टैक्स जमा की कंप्यूटर प्रिंट रसीद देखकर इन पर कार्रवाई नहीं करती थीं।
मंगलवार को एक जमा रसीद पर संदेह होने पर टीम ने जांच की तो टैक्स भुगतान नहीं पाया गया। इसकेबाद वाहन का चालान काट दिया गया। बुधवार को वाहन स्वामी आरटीओ आफिस पहुंचा और चालान का कारण पूछा।
उसने अपने व अन्य वाहनों की दर्जनों रसीद एआरटीओ को दिखाईं। जांच में पता चला कि ये रसीदें फर्जी हैं। इनको कई जगह से विभाग के मिलते-जुलते नामों की साइट से दिया गया है। गाजियाबाद संभाग में ही 17 करोड़ का घपला होने का अंदेशा है।