दिल्ली की सत्ता पर फैसला अभी नहीं, सुनवाई आगे बढ़ी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सुप्रीम कोर्ट में शुक्रवार को दिल्ली के भविष्य का फैसला होना था। आम आदमी पार्टी की ओर से सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की गई अर्जी पर शुक्रवार को भाजपा को यह जवाब देना था कि वह सरकार बनाना चाहती है या नहीं।
लेकिन शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने मामले की सुनवाई को आगे बढ़ाते हुए मामला संविधान पीठ के पास भेज दिया।
अब एक बार फिर यह तय नहीं हो पाया कि दिल्ली की सत्ता किस करवट बैठेगी। बृहस्पतिवार को ही आप मुखिया अपने विधायकों संग राष्ट्रपति से मिलकर दिल्ली में चुनाव कराने का मांग की थी। साथ आरोप लगाया था कि भाजपा उनके विधायकों को प्रलोभन देकर तोड़ रही है।
अब इस दिन होगा अंतिम फैसला
सुप्रीम कोर्ट ने संविधान पीठ को मामला सौंप कर सुनवाई की तारीख भी पक्की कर दी है। अब 5 अगस्त को पीठ में इस बात पर सुनवाई होगी कि क्या सुप्रीम कोर्ट दिल्ली के एलजी को दोबारा चुनाव कराने का आदेश देगा या नहीं।
गौरतलब है कि दिल्ली में आम आदमी पार्टी की 49 दिनों की सरकार के इस्तीफा देने के बाद अस्थिरता बनी हुई है। फिलहाल दिल्ली में राष्ट्रपति शासन लागू है। लेकिन दिल्ली विधानसभा भंग नहीं की गई। इसलिए बार-बार सरकार बनाने को लेकर अटकलें तेज हो जाती हैं।
बीजेपी एक और मौका
आप की अर्जी पर शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में होने वाली सुनवाई में भाजपा को बताना था कि वह दिल्ली में सरकार बनाएगी नहीं। लेकिन सुनवाई की तारीख आगे बढ़ जाने से एक बार फिर भाजपा को कुछ दिनों की मोहलत मिल गई।
गौरतलब है कि पिछले कुछ दिनों में लगातार भाजपा के दिल्ली में सरकार बनाने की खबरें आती रही हैं, लेकिन अंतिम सहमति नहीं बन पा रही है।
भाजपा के कई नेता यह बयान दे चुके हैं कि आप के कुछ नेता उनके संपर्क में हैं और सरकार बनाने में साथ दे सकते हैं, लेकिन केजरीवाल अपने संगठन को बचाने की पूरी कोशिश कर रहे हैं।